एकादशी 2027 लिस्ट: सभी एकादशी व्रत की तारीख, समय और पारण
नवंबर 2026 से दिसंबर 2027 के बीच कुल 29 एकादशी व्रत हैं, जिनमें से 25 एकादशी 2027 में हैं। नीचे हर एकादशी की तारीख, एकादशी तिथि शुरू और खत्म होने का समय, अगले दिन पारण (व्रत खोलने) का समय और व्रत कथा का लिंक दिया है। सभी समय नई दिल्ली के अनुसार हैं।
एकादशी व्रत लिस्ट 2026
| व्रत की तारीख | एकादशी | तिथि का समय और पारण |
|---|---|---|
| नवंबर 2026 | ||
5नवंगुरुवार नवंबर 2026 | रमा एकादशीकार्तिक कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 4 नवंबर, सुबह 11:04 से 5 नवंबर, सुबह 10:36 तकपारण: 6 नवंबर, सुबह 6:36 से सुबह 8:47 तक |
20नवंशुक्रवार नवंबर 2026 | देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशीकार्तिक शुक्ल पक्षवैष्णव: 21 नवंबर | एकादशी तिथि: 20 नवंबर, सुबह 7:16 से 21 नवंबर, सुबह 6:32 तकपारण: 21 नवंबर, दोपहर 1:10 से दोपहर 3:18 तकवैष्णव पारण: 22 नवंबर, सुबह 6:48 से सुबह 8:56 तक |
| दिसंबर 2026 | ||
4दिसंशुक्रवार दिसंबर 2026 | उत्पन्ना एकादशीमार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 3 दिसंबर, रात 11:04 से 4 दिसंबर, रात 11:45 तकपारण: 5 दिसंबर, सुबह 6:58 से सुबह 9:03 तक |
20दिसंरविवार दिसंबर 2026 | मोक्षदा एकादशीमार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 19 दिसंबर, रात 10:10 से 20 दिसंबर, रात 8:15 तकपारण: 21 दिसंबर, सुबह 7:09 से सुबह 9:13 तक |
एकादशी व्रत लिस्ट 2027
| व्रत की तारीख | एकादशी | तिथि का समय और पारण |
|---|---|---|
| जनवरी 2027 | ||
3जनरविवार जनवरी 2027 | सफला एकादशीपौष कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 2 जनवरी, दोपहर 2:25 से 3 जनवरी, शाम 4:09 तकपारण: 4 जनवरी, सुबह 7:14 से सुबह 9:18 तक |
18जनसोमवार जनवरी 2027 | पौष पुत्रदा एकादशीपौष शुक्ल पक्षवैष्णव: 19 जनवरी | एकादशी तिथि: 18 जनवरी, सुबह 10:28 से 19 जनवरी, सुबह 7:50 तकपारण: 19 जनवरी, दोपहर 1:35 से दोपहर 3:42 तकवैष्णव पारण: 20 जनवरी, सुबह 7:13 से सुबह 9:21 तक |
| फ़रवरी 2027 | ||
2फ़रमंगलवार फ़रवरी 2027 | षटतिला एकादशीमाघ कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 1 फ़रवरी, सुबह 8:42 से 2 फ़रवरी, सुबह 11:11 तकपारण: 3 फ़रवरी, सुबह 7:08 से सुबह 9:18 तक |
17फ़रबुधवार फ़रवरी 2027 | जया एकादशीमाघ शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 16 फ़रवरी, रात 8:20 से 17 फ़रवरी, शाम 5:32 तकपारण: 18 फ़रवरी, सुबह 6:57 से सुबह 9:12 तक |
| मार्च 2027 | ||
4मार्चगुरुवार मार्च 2027 | विजया एकादशीफाल्गुन कृष्ण पक्षवैष्णव: 5 मार्च (उन्मीलनी महाद्वादशी) | एकादशी तिथि: 3 मार्च, सुबह 4:45 से 4 मार्च, सुबह 7:25 तकपारण: 5 मार्च, सुबह 6:42 से सुबह 9:02 तक |
18मार्चगुरुवार मार्च 2027 | आमलकी एकादशीफाल्गुन शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 18 मार्च, सुबह 4:22 से 19 मार्च, देर रात 1:52 तकपारण: 19 मार्च, सुबह 7:13 से सुबह 8:51 तक |
| अप्रैल 2027 | ||
2अप्रैशुक्रवार अप्रैल 2027 | पापमोचनी एकादशीचैत्र कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 2 अप्रैल, देर रात 12:46 से 3 अप्रैल, देर रात 2:53 तकपारण: 3 अप्रैल, दोपहर 1:39 से शाम 4:10 तक |
17अप्रैशनिवार अप्रैल 2027 | कामदा एकादशीचैत्र शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 16 अप्रैल, सुबह 11:22 से 17 अप्रैल, सुबह 9:28 तकपारण: 18 अप्रैल, सुबह 5:52 से सुबह 7:43 तक |
| मई 2027 | ||
2मईरविवार मई 2027 | वरूथिनी एकादशीवैशाख कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 1 मई, शाम 6:54 से 2 मई, शाम 7:52 तकपारण: 3 मई, सुबह 5:38 से सुबह 8:18 तक |
16मईरविवार मई 2027 | मोहिनी एकादशीवैशाख शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 15 मई, शाम 6:18 से 16 मई, शाम 5:14 तकपारण: 17 मई, सुबह 5:29 से सुबह 8:12 तक |
| जून 2027 | ||
1जूनमंगलवार जून 2027 | अपरा एकादशीज्येष्ठ कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 31 मई, सुबह 10:03 से 1 जून, सुबह 9:40 तकपारण: 2 जून, सुबह 5:23 से सुबह 8:09 तक |
14जूनसोमवार जून 2027 | निर्जला एकादशीज्येष्ठ शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 14 जून, देर रात 2:13 से 15 जून, देर रात 2:09 तकपारण: 15 जून, दोपहर 1:45 से शाम 4:32 तक |
30जूनबुधवार जून 2027 | योगिनी एकादशीआषाढ़ कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 29 जून, रात 10:05 से 30 जून, रात 8:31 तकपारण: 1 जुलाई, सुबह 5:26 से सुबह 8:13 तक |
| जुलाई 2027 | ||
14जुलाबुधवार जुलाई 2027 | देवशयनी एकादशीआषाढ़ शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 13 जुलाई, दोपहर 12:09 से 14 जुलाई, दोपहर 1:11 तकपारण: 15 जुलाई, सुबह 5:32 से सुबह 8:18 तक |
29जुलागुरुवार जुलाई 2027 | कामिका एकादशीश्रावण कृष्ण पक्षवैष्णव: 30 जुलाई | एकादशी तिथि: 29 जुलाई, सुबह 7:35 से 30 जुलाई, सुबह 5:14 तकपारण: 30 जुलाई, दोपहर 1:48 से शाम 4:31 तकवैष्णव पारण: 31 जुलाई, सुबह 5:41 से सुबह 8:23 तक |
| अगस्त 2027 | ||
12अगगुरुवार अगस्त 2027 | श्रावण पुत्रदा एकादशीश्रावण शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 12 अगस्त, देर रात 12:59 से 13 अगस्त, देर रात 3:00 तकपारण: 13 अगस्त, दोपहर 1:45 से शाम 4:24 तक |
28अगशनिवार अगस्त 2027 | अजा एकादशीभाद्रपद कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 27 अगस्त, दोपहर 3:26 से 28 अगस्त, दोपहर 12:43 तकपारण: 29 अगस्त, सुबह 5:57 से सुबह 8:31 तक |
| सितंबर 2027 | ||
11सितशनिवार सितंबर 2027 | परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशीभाद्रपद शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 10 सितंबर, शाम 5:01 से 11 सितंबर, शाम 7:37 तकपारण: 12 सितंबर, सुबह 6:04 से सुबह 8:33 तक |
26सितरविवार सितंबर 2027 | इंदिरा एकादशीआश्विन कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 25 सितंबर, रात 10:31 से 26 सितंबर, शाम 7:50 तकपारण: 27 सितंबर, सुबह 6:11 से सुबह 8:35 तक |
| अक्टूबर 2027 | ||
11अक्टूसोमवार अक्टूबर 2027 | पापांकुशा एकादशीआश्विन शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 10 अक्टूबर, सुबह 11:41 से 11 अक्टूबर, दोपहर 2:09 तकपारण: 12 अक्टूबर, सुबह 6:19 से सुबह 8:38 तक |
25अक्टूसोमवार अक्टूबर 2027 | रमा एकादशीकार्तिक कृष्ण पक्षवैष्णव: 26 अक्टूबर | एकादशी तिथि: 25 अक्टूबर, सुबह 5:41 से 26 अक्टूबर, देर रात 3:23 तकपारण: 26 अक्टूबर, दोपहर 1:12 से दोपहर 3:26 तकवैष्णव पारण: 27 अक्टूबर, सुबह 6:29 से सुबह 8:43 तक |
| नवंबर 2027 | ||
10नवंबुधवार नवंबर 2027 | देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशीकार्तिक शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 9 नवंबर, सुबह 7:35 से 10 नवंबर, सुबह 9:12 तकपारण: 11 नवंबर, सुबह 6:39 से सुबह 8:49 तक |
24नवंबुधवार नवंबर 2027 | उत्पन्ना एकादशीमार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 23 नवंबर, दोपहर 1:45 से 24 नवंबर, दोपहर 12:12 तकपारण: 25 नवंबर, सुबह 6:51 से सुबह 8:57 तक |
| दिसंबर 2027 | ||
9दिसंगुरुवार दिसंबर 2027 | मोक्षदा एकादशीमार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष | एकादशी तिथि: 9 दिसंबर, देर रात 3:00 से 10 दिसंबर, देर रात 3:20 तकपारण: 10 दिसंबर, दोपहर 1:15 से दोपहर 3:20 तक |
23दिसंगुरुवार दिसंबर 2027 | सफला एकादशीपौष कृष्ण पक्ष | एकादशी तिथि: 22 दिसंबर, रात 11:41 से 23 दिसंबर, रात 11:12 तकपारण: 24 दिसंबर, सुबह 7:10 से सुबह 9:14 तक |
स्मार्त और वैष्णव एकादशी में क्या अंतर है?
कभी-कभी एक ही एकादशी दो दिन लिखी जाती है। इस लिस्ट में 5 एकादशी ऐसी हैं। पहला दिन स्मार्त (ज़्यादातर गृहस्थ परिवार) के लिए होता है और दूसरा दिन वैष्णव परंपरा के लिए।
| स्मार्त एकादशी | वैष्णव एकादशी | |
|---|---|---|
| कौन रखता है | ज़्यादातर गृहस्थ परिवार | वैष्णव संप्रदाय (जैसे इस्कॉन), साधु-संत |
| दिन कैसे तय होता है | आमतौर पर जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि हो | अगर सूर्योदय से 96 मिनट पहले (अरुणोदय) दशमी तिथि बची हो, तो व्रत अगले दिन |
| 2027 का उदाहरण | रमा एकादशी: 25 अक्टूबर | रमा एकादशी: 26 अक्टूबर |
एकादशी व्रत कैसे करें?
- दशमी की शाम से ही सात्विक भोजन करें और चावल, प्याज-लहसुन जैसी चीज़ें छोड़ दें।
- एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
- पूजा में तुलसी दल, पीले फूल, धूप और दीपक अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जप करें।
- उस एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें (ऊपर लिस्ट में नाम पर क्लिक करें) और एकादशी माता की आरती करें।
- दिन में अपनी शक्ति के अनुसार फलाहार या निर्जल व्रत रखें, और रात को भजन-कीर्तन करें।
- अगले दिन द्वादशी में, लिस्ट में दिए पारण समय के अंदर दान देकर व्रत खोलें।
एकादशी का पारण कब करें?
एकादशी का व्रत अगले दिन द्वादशी तिथि में खोला जाता है, इसे पारण कहते हैं। द्वादशी के पहले चौथाई हिस्से को हरि वासर कहते हैं और इसमें पारण नहीं किया जाता। पारण का सबसे अच्छा समय प्रातःकाल है, यानी सूर्योदय के बाद दिन का पहला पाँचवाँ हिस्सा। अगर हरि वासर प्रातःकाल के बाद तक चले, तो दोपहर (मध्याह्न) छोड़कर अपराह्न में पारण किया जाता है।
उदाहरण: पौष पुत्रदा एकादशी 2027 में हरि वासर 19 जनवरी को दोपहर 1:03 बजे खत्म होगा, इसलिए स्मार्त पारण दोपहर 1:35 से दोपहर 3:42 के बीच है। अगर द्वादशी सूर्योदय से पहले ही खत्म हो जाए, तो सूर्योदय के बाद प्रातःकाल में पारण कर लें।
एकादशी पर क्या खाएँ और क्या नहीं?
खा सकते हैं
- फल, दूध, दही और मेवे
- साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े का आटा
- आलू, शकरकंद और सेंधा नमक
नहीं खाते
- चावल, गेहूँ और दूसरे अनाज
- दालें, प्याज और लहसुन
- मांस, अंडा और नशे की चीज़ें
अलग-अलग परिवारों में नियम थोड़े अलग हो सकते हैं। निर्जला एकादशी पर पारण तक जल भी नहीं लिया जाता।
2027 की खास एकादशी
| एकादशी | तारीख | क्यों खास है |
|---|---|---|
| निर्जला एकादशी | 14 जून 2027, सोमवार | साल की सबसे कठिन एकादशी, इसमें जल भी नहीं पिया जाता |
| देवशयनी एकादशी | 14 जुलाई 2027, बुधवार | चातुर्मास की शुरुआत, भगवान विष्णु योग निद्रा में जाते हैं |
| देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी | 10 नवंबर 2027, बुधवार | चातुर्मास का अंत, इसके बाद शुभ काम और तुलसी विवाह शुरू होते हैं |
| मोक्षदा एकादशी | 9 दिसंबर 2027, गुरुवार | इसी दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है |
| आमलकी एकादशी | 18 मार्च 2027, गुरुवार | आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में कितनी एकादशी हैं?
2027 में कुल 25 एकादशी हैं। आमतौर पर साल में 24 एकादशी होती हैं, लेकिन 2027 में सफला एकादशी जनवरी और दिसंबर दोनों में पड़ रही है, इसलिए संख्या 25 है।
अगली एकादशी कब है?
31 अक्टूबर 2026 के बाद अगली एकादशी रमा एकादशी है, जो 5 नवंबर 2026, गुरुवार को है। इसका पारण 6 नवंबर को सुबह 6:36 से सुबह 8:47 तक है। पेज के ऊपर वाला बॉक्स हर दिन अपने आप अगली एकादशी दिखाता है।
निर्जला एकादशी 2027 कब है?
निर्जला एकादशी 14 जून 2027, सोमवार को है। एकादशी तिथि 14 जून, देर रात 2:13 से 15 जून, देर रात 2:09 तक रहेगी और पारण 15 जून को दोपहर 1:45 से शाम 4:32 तक है।
देवशयनी एकादशी 2027 कब है?
देवशयनी एकादशी 14 जुलाई 2027, बुधवार को है। इसी दिन से चातुर्मास शुरू होता है।
देवउठनी एकादशी 2026 और 2027 कब है?
2026 में देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को है (वैष्णव 21 नवंबर)। 2027 में यह 10 नवंबर 2027, बुधवार को है।
स्मार्त और वैष्णव एकादशी अलग-अलग दिन क्यों होती है?
स्मार्त परंपरा में आमतौर पर वह दिन लिया जाता है जिस दिन सूर्योदय पर एकादशी हो। वैष्णव परंपरा में अगर अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) में दशमी हो, तो उस दिन को दशमी से मिला हुआ मानकर व्रत अगले दिन रखा जाता है।
एकादशी का पारण किस समय करना चाहिए?
पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में, हरि वासर खत्म होने के बाद किया जाता है। सबसे अच्छा समय सूर्योदय के बाद का प्रातःकाल है। हर एकादशी का पारण समय इस लिस्ट में दिया है।
एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?
परंपरा के अनुसार एकादशी पर अन्न, खासकर चावल नहीं खाया जाता। मान्यता है कि इस दिन अन्न छोड़कर मन को भगवान विष्णु की भक्ति में लगाना चाहिए।
क्या बुजुर्ग या बीमार लोग एकादशी व्रत रख सकते हैं?
हाँ, अपनी शक्ति के अनुसार फलाहार करके व्रत रखा जा सकता है। जो लोग रोज़ दवा लेते हैं, वे निर्जल व्रत डॉक्टर की सलाह से ही रखें।
इस लिस्ट का समय किस शहर का है?
सभी समय नई दिल्ली (भारतीय समय) के हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय अलग होने से समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
