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कुंडली मिलान ऑनलाइन: जन्म तारीख से 36 गुणों का गुण मिलान

कुंडली मिलान में वर और वधू के जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि से अष्टकूट के 8 कूटों के कुल 36 गुण मिलाए जाते हैं। नीचे दोनों का जन्म विवरण भरें। यह मुफ़्त टूल हर कूट के गुण, कुल गुण, नाड़ी और भकूट दोष और दोनों का मांगलिक दोष तुरंत बता देगा।

अपडेट: 1 नवंबर 2026 • गणना: जम्भ भक्ति • पद्धति: लाहिड़ी अयनांश
इस टूल से मिलेगा
36 में से गुण
हर कूट के गुण अलग-अलग
नाड़ी, भकूट और मांगलिक दोष भी
नीचे फ़ॉर्म भरें ↓
36कुल गुण
8कूट (अष्टकूट)
18+गुण स्वीकार्य माने जाते हैं
₹0पूरी तरह मुफ़्त

वर-वधू का गुण मिलान करें

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अष्टकूट के 8 कूट क्या देखते हैं?

कूटअधिकतम गुणक्या देखा जाता है
वर्ण1दोनों की चंद्र राशि का वर्ण (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र)। स्वभाव और काम करने के ढंग का मेल।
वश्य2राशियों का वर्ग (मानव, चतुष्पद, जलचर, वनचर, कीट)। एक-दूसरे पर प्रभाव और आकर्षण।
तारा3एक के नक्षत्र से दूसरे के नक्षत्र तक की गिनती। भाग्य और सेहत का मेल।
योनि4हर नक्षत्र का एक पशु प्रतीक (जैसे अश्व, गज, सिंह)। शारीरिक और स्वभाव की अनुकूलता।
ग्रह मैत्री5दोनों की राशियों के स्वामी ग्रहों की आपसी मित्रता। सोच और मन का मेल।
गण6नक्षत्र का गण (देव, मनुष्य, राक्षस)। स्वभाव और व्यवहार का मेल।
भकूट7दोनों राशियों का आपसी स्थान। परिवार, सुख और समृद्धि से जोड़ा जाता है।
नाड़ी8नक्षत्र की नाड़ी (आदि, मध्य, अंत्य)। परंपरा में सेहत और संतान से जोड़ा जाता है, इसलिए इसके सबसे ज़्यादा गुण हैं।
कुल36

कुंडली मिलान में कितने गुण मिलने चाहिए?

कुल गुणपरंपरा में क्या माना जाता है
0 से 17कम मिलान। आमतौर पर विवाह की सलाह नहीं दी जाती, जब तक पूरी कुंडली में मजबूत परिहार न हों।
18 से 24सामान्य या स्वीकार्य मिलान।
25 से 32अच्छा मिलान।
33 से 36उत्तम मिलान।

केवल कुल गुण से फैसला नहीं होता। नाड़ी दोष, भकूट दोष और मांगलिक दोष भी देखे जाते हैं, और कई बार कम गुण होने पर भी पूरी कुंडली अच्छी मिलती है।

नाड़ी दोष और भकूट दोष क्या है?

नाड़ी दोष

जब वर और वधू दोनों के नक्षत्र एक ही नाड़ी (आदि, मध्य या अंत्य) के हों, तो नाड़ी के 8 में से 0 गुण मिलते हैं। इसे नाड़ी दोष कहते हैं। परंपरा में दोनों की राशि एक हो पर नक्षत्र अलग, या नक्षत्र एक हो पर चरण अलग, तो कई ज्योतिषी इसका परिहार मानते हैं।

भकूट दोष

जब दोनों की चंद्र राशियाँ आपस में दूसरे-बारहवें, पाँचवें-नौवें या छठे-आठवें स्थान पर हों, तो भकूट के 7 में से 0 गुण मिलते हैं। दोनों राशियों का स्वामी एक ही ग्रह हो या दोनों स्वामी आपस में मित्र हों, तो कई परंपराओं में भकूट दोष का परिहार माना जाता है।

कुंडली मिलान कैसे करें?

  1. ऊपर के फ़ॉर्म में वर (लड़के) की जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान भरें।
  2. फिर वधू (लड़की) का जन्म विवरण भरें।
  3. “गुण मिलान करें” दबाएँ। हर कूट के गुण, कुल गुण, नाड़ी-भकूट दोष और दोनों का मांगलिक दोष दिख जाएगा।
  4. गुण अच्छे मिलें तो पूरी कुंडली का मिलान योग्य ज्योतिषी से करवाएँ और फिर विवाह मुहूर्त 2027 से शुभ तारीख चुनें।

नाम से गुण मिलान और जन्म तारीख से मिलान में क्या फर्क है?

नाम से मिलान में नाम के पहले अक्षर से नक्षत्र का अंदाज़ा लगाया जाता है, जो हमेशा जन्म नक्षत्र से मेल नहीं खाता। जन्म तारीख, समय और स्थान से मिलान में चंद्रमा का असली नक्षत्र और राशि निकाली जाती है, इसलिए यह ज़्यादा सही होता है। जन्म विवरण न हो तभी नाम से मिलान किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुंडली मिलान में कितने गुण मिलने चाहिए?

परंपरा में 36 में से कम से कम 18 गुण मिलना विवाह के लिए स्वीकार्य माना जाता है। 25 से 32 गुण अच्छे और 33 से 36 गुण उत्तम माने जाते हैं।

क्या 18 गुण मिलने पर शादी हो सकती है?

18 गुण स्वीकार्य सीमा है। इसके साथ नाड़ी दोष, भकूट दोष और मांगलिक दोष भी देखें, और अंतिम फैसला पूरी कुंडली देखकर करें।

नाड़ी दोष क्या होता है?

वर और वधू दोनों के नक्षत्र एक ही नाड़ी (आदि, मध्य या अंत्य) के हों तो नाड़ी के 0 गुण मिलते हैं। इसे नाड़ी दोष कहते हैं और परंपरा में इसे बड़ा दोष माना जाता है।

वर और वधू का नक्षत्र एक हो तो क्या शादी हो सकती है?

एक ही नक्षत्र होने पर आमतौर पर 28 गुण मिलते हैं, लेकिन नाड़ी दोष बनता है। नक्षत्र एक हो पर चरण अलग हों तो कई ज्योतिषी इसका परिहार मानते हैं।

जन्म समय पता न हो तो क्या गुण मिलान हो सकता है?

हाँ, अनुमानित समय से भी ज़्यादातर सही गुण आते हैं, क्योंकि गुण मिलान चंद्रमा के नक्षत्र पर आधारित है। अगर उस दिन चंद्रमा ने नक्षत्र बदला हो तो नतीजा बदल सकता है।

अलग-अलग वेबसाइट पर गुण अलग क्यों आते हैं?

वश्य, योनि, ग्रह मैत्री और तारा की तालिकाएँ अलग ग्रंथों में थोड़ी अलग हैं, और धनु-मकर राशि के वश्य को बाँटने का तरीका भी अलग है। इसलिए 0.5 से 2 गुण का अंतर आम बात है।

क्या मांगलिक और गैर-मांगलिक की शादी हो सकती है?

परंपरा में दोनों मांगलिक हों तो दोष कट जाता है। केवल एक मांगलिक हो तो ज्योतिषी पूरी कुंडली में परिहार देखते हैं। विस्तार के लिए मांगलिक दोष पेज देखें।

गुण मिलान में किसका नक्षत्र पहले डालना है?

पहले फ़ॉर्म में वर (लड़के) और दूसरे में वधू (लड़की) का विवरण डालें। वर्ण, वश्य और गण जैसे कूटों में वर और वधू की दिशा से गुण बदलते हैं।

क्या मेरी जानकारी सेव होती है?

नहीं। गुण मिलान की पूरी गणना आपके ब्राउज़र में होती है। दोनों का जन्म विवरण कहीं नहीं भेजा या सेव किया जाता।

गुण मिलान कैसे होता है? ग्रहों की स्थिति खुले स्रोत (MIT लाइसेंस) की खगोलीय गणना लाइब्रेरी Astronomy Engine से आपके ब्राउज़र में ही निकाली जाती है। हमने इसे दूसरी एफ़ेमेरिस (PyEphem) से जाँचा है: ग्रहों और लग्न में अंतर 0.01 अंश से कम रहा। निरयण स्थिति के लिए लाहिड़ी (चित्रापक्ष) अयनांश लिया गया है। दोनों के चंद्र नक्षत्र और राशि से अष्टकूट के गुण उत्तर भारत में प्रचलित तालिकाओं से निकाले जाते हैं। धनु राशि का पहला आधा भाग मानव और दूसरा चतुष्पद, मकर का पहला आधा चतुष्पद और दूसरा जलचर लिया गया है। ग्रह मैत्री पराशर की नैसर्गिक मित्रता से है। ये तालिकाएँ अलग ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग होती हैं, इसलिए दूसरी जगह कुछ गुणों का अंतर संभव है। कोई गलती दिखे तो हमें बताएँ।

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