अमावस्या 2027 लिस्ट: सभी अमावस्या की तारीख और समय
नवंबर 2026 से दिसंबर 2027 तक कुल 15 अमावस्या हैं, जिनमें से 13 अमावस्या 2027 में हैं। नीचे हर अमावस्या की तारीख (जिस दिन सूर्योदय पर अमावस्या हो), तिथि शुरू और खत्म होने का समय, और उस दिन के खास पर्व जैसे सोमवती, मौनी, दीपावली और सर्वपितृ अमावस्या दिए हैं।
अमावस्या लिस्ट 2026
| तारीख | अमावस्या और पर्व | तिथि का समय |
|---|---|---|
| नवंबर 2026 | ||
9नवंसोमवार नवंबर 2026 | कार्तिक अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)सोमवती अमावस्यादीपावली, लक्ष्मी पूजा: 8 नवंबर की शाम | अमावस्या तिथि: 8 नवंबर, सुबह 11:29 से 9 नवंबर, दोपहर 12:32 तक |
| दिसंबर 2026 | ||
8दिसंमंगलवार दिसंबर 2026 | मार्गशीर्ष अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)भौमवती अमावस्या | अमावस्या तिथि: 8 दिसंबर, सुबह 4:13 से 9 दिसंबर, सुबह 6:22 तक |
अमावस्या लिस्ट 2027
| तारीख | अमावस्या और पर्व | तिथि का समय |
|---|---|---|
| जनवरी 2027 | ||
7जनगुरुवार जनवरी 2027 | पौष अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि) | अमावस्या तिथि: 6 जनवरी, रात 11:15 से 8 जनवरी, देर रात 1:55 तक |
| फ़रवरी 2027 | ||
6फ़रशनिवार फ़रवरी 2027 | माघ अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)शनिश्चरी अमावस्यामौनी अमावस्या | अमावस्या तिथि: 5 फ़रवरी, शाम 7:06 से 6 फ़रवरी, रात 9:26 तक |
| मार्च 2027 | ||
8मार्चसोमवार मार्च 2027 | फाल्गुन अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)सोमवती अमावस्या | अमावस्या तिथि: 7 मार्च, दोपहर 1:47 से 8 मार्च, दोपहर 3:00 तक |
| अप्रैल 2027 | ||
6अप्रैमंगलवार अप्रैल 2027 | चैत्र अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)भौमवती अमावस्या | अमावस्या तिथि: 6 अप्रैल, सुबह 5:41 से 7 अप्रैल, सुबह 5:21 तक |
| मई 2027 | ||
6मईगुरुवार मई 2027 | वैशाख अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि) | अमावस्या तिथि: 5 मई, शाम 6:17 से 6 मई, शाम 4:29 तक |
| जून 2027 | ||
4जूनशुक्रवार जून 2027 | ज्येष्ठ अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)वट सावित्री व्रत, शनि जयंती | अमावस्या तिथि: 4 जून, सुबह 4:06 से 5 जून, देर रात 1:10 तक |
| जुलाई 2027 | ||
4जुलारविवार जुलाई 2027 | आषाढ़ अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि) | अमावस्या तिथि: 3 जुलाई, दोपहर 12:06 से 4 जुलाई, सुबह 8:32 तक |
| अगस्त 2027 | ||
2अगसोमवार अगस्त 2027 | श्रावण अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)सोमवती अमावस्याहरियाली अमावस्या | अमावस्या तिथि: 1 अगस्त, शाम 7:21 से 2 अगस्त, दोपहर 3:35 तक |
31अगमंगलवार अगस्त 2027 | भाद्रपद अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)भौमवती अमावस्याकुशग्रहणी (पिठोरी) अमावस्या | अमावस्या तिथि: 31 अगस्त, देर रात 2:42 से 31 अगस्त, रात 11:11 तक |
| सितंबर 2027 | ||
30सितगुरुवार सितंबर 2027 | आश्विन अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)सर्वपितृ अमावस्या: 29 सितंबर | अमावस्या तिथि: 29 सितंबर, सुबह 10:56 से 30 सितंबर, सुबह 8:06 तक |
| अक्टूबर 2027 | ||
29अक्टूशुक्रवार अक्टूबर 2027 | कार्तिक अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)दीपावली, लक्ष्मी पूजा (शाम) | अमावस्या तिथि: 28 अक्टूबर, रात 8:49 से 29 अक्टूबर, शाम 7:07 तक |
| नवंबर 2027 | ||
28नवंरविवार नवंबर 2027 | मार्गशीर्ष अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि) | अमावस्या तिथि: 27 नवंबर, सुबह 9:08 से 28 नवंबर, सुबह 8:55 तक |
| दिसंबर 2027 | ||
27दिसंसोमवार दिसंबर 2027 | पौष अमावस्यास्नान-दान और व्रत का दिन (उदया तिथि)सोमवती अमावस्या | अमावस्या तिथि: 27 दिसंबर, देर रात 12:23 से 28 दिसंबर, देर रात 1:42 तक |
अमावस्या क्या है और यह कब होती है?
अमावस्या कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा आकाश में लगभग एक ही जगह होते हैं, इसलिए चंद्रमा दिखाई नहीं देता। हर साढ़े 29 दिन में एक अमावस्या आती है, इसलिए साल में आमतौर पर 12 या 13 अमावस्या होती हैं।
स्नान, दान और व्रत उस दिन किया जाता है जिस दिन सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि हो (उदया तिथि)। पितरों का श्राद्ध दोपहर बाद (अपराह्न) की अमावस्या में होता है, इसलिए 2027 में सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध 29 सितंबर 2027, बुधवार को है, जबकि उदया अमावस्या 30 सितंबर को है। दीपावली की लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल (शाम) की अमावस्या में होती है।
बिश्नोई समाज में अमावस्या का महत्व
गुरु जम्भेश्वर भगवान के बताए 29 नियमों में एक नियम अमावस्या का व्रत रखना है। इसलिए बिश्नोई परिवारों में हर अमावस्या को व्रत रखा जाता है, हवन होता है और जम्भवाणी के शब्दों का पाठ किया जाता है। मुकाम धाम में फाल्गुन और आसोज की अमावस्या पर बड़ा मेला भरता है।
अमावस्या व्रत क्यों रखना चाहिए, इसकी कथा और कारण यहाँ पढ़ें।
अमावस्या के दिन क्या करें?
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। संभव हो तो पवित्र नदी या तीर्थ में, नहीं तो नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर।
- दिन भर व्रत या फलाहार रखें और झूठ, क्रोध और निंदा से बचें।
- घर में हवन करें या भगवान विष्णु और गुरु जम्भेश्वर का नाम जपें।
- पितरों का स्मरण कर जल से तर्पण करें।
- अपनी शक्ति के अनुसार अन्न, वस्त्र या जरूरतमंद को भोजन का दान करें, और गायों और पक्षियों को चारा-दाना डालें।
- शाम को घर और पीपल के पास दीपक जलाएँ।
सोमवती, शनिश्चरी और भौमवती अमावस्या 2027
जिस वार को अमावस्या पड़ती है, उसके नाम से उसे खास नाम दिया जाता है।
| नाम | कब होती है | 2027 की तारीखें |
|---|---|---|
| सोमवती अमावस्या | सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या | 8 मार्च, 2 अगस्त, 27 दिसंबर |
| शनिश्चरी अमावस्या | शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या | 6 फ़रवरी |
| भौमवती अमावस्या | मंगलवार को पड़ने वाली अमावस्या | 6 अप्रैल, 31 अगस्त |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में कितनी अमावस्या हैं?
2027 में कुल 13 अमावस्या हैं। जनवरी और दिसंबर दोनों में पौष अमावस्या पड़ रही है, इसलिए इस साल 13 अमावस्या हैं।
अगली अमावस्या कब है?
31 अक्टूबर 2026 के बाद अगली अमावस्या कार्तिक अमावस्या है, जो 9 नवंबर 2026, सोमवार को है। अमावस्या तिथि 8 नवंबर, सुबह 11:29 से 9 नवंबर, दोपहर 12:32 तक रहेगी। ऊपर का बॉक्स रोज़ अपने आप अगली अमावस्या दिखाता है।
सोमवती अमावस्या 2027 कब है?
2027 में सोमवती अमावस्या 3 बार है: 8 मार्च 2027, सोमवार, 2 अगस्त 2027, सोमवार, 27 दिसंबर 2027, सोमवार।
मौनी अमावस्या 2027 कब है?
माघ महीने की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। 2027 में यह 6 फ़रवरी 2027, शनिवार को है।
दिवाली 2027 कब है?
2027 में कार्तिक अमावस्या 28 अक्टूबर, रात 8:49 से 29 अक्टूबर, शाम 7:07 तक है। प्रदोष काल में अमावस्या 29 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को है, इसलिए लक्ष्मी पूजा इसी दिन शाम को होगी।
सर्वपितृ अमावस्या 2027 कब है?
पितृ पक्ष का आखिरी श्राद्ध, सर्वपितृ अमावस्या, 29 सितंबर 2027, बुधवार को है, क्योंकि उसी दिन दोपहर बाद अमावस्या रहेगी।
हरियाली अमावस्या 2027 कब है?
सावन (श्रावण) की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं। 2027 में यह 2 अगस्त 2027, सोमवार को है और इस बार सोमवार होने से सोमवती अमावस्या भी है।
वट सावित्री व्रत और शनि जयंती 2027 कब है?
ज्येष्ठ अमावस्या पर वट सावित्री व्रत और शनि जयंती मनाई जाती है। 2027 में यह 4 जून 2027, शुक्रवार को है।
अमावस्या दो दिन हो तो व्रत किस दिन रखें?
स्नान, दान और व्रत उस दिन होता है जिस दिन सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि हो। पितरों का श्राद्ध उस दिन होता है जिस दिन दोपहर बाद अमावस्या हो, और दीपावली की पूजा उस शाम होती है जब प्रदोष काल में अमावस्या हो।
बिश्नोई समाज अमावस्या का व्रत क्यों रखता है?
गुरु जम्भेश्वर भगवान के 29 नियमों में अमावस्या का व्रत रखना शामिल है। इस दिन व्रत, हवन और जम्भवाणी के पाठ से मन शुद्ध रखने की परंपरा है।
