
मैंने मन को मंदिर बनाया: भजन (Maine Mann Ko Mandir Banaya)
मैंने मन को मंदिर बनाया, ओ गौरी मैया के लाला, तेरी मूरत को उसमे सजाया, ओ गौरी मैया के लाला, ओ गौरी मैया के लाला

मैंने मन को मंदिर बनाया, ओ गौरी मैया के लाला, तेरी मूरत को उसमे सजाया, ओ गौरी मैया के लाला, ओ गौरी मैया के लाला

गजानन चरण कमल रज दीजे, गजानन चरण कमल रज दीजें ॥ तुम्हरी कृपा मिलत अविनाशी, भव बंधन कट जासी, जग में नहीं है सहारा जिनको,

आना हो श्री गणेशा, मेरे भी घर में आना, हे गौरीसुत गजानन, हे गौरीसुत गजानन, मुझको ना भूल जाना, आना हों श्री गणेशा, मेरे भी

सबसे पहला मनावा, थाने देवा रा सरदार, रणत भवन सु आप पधारो, हो रही जय जयकार, सबसु पहला मनावा, थाने देवा रा सरदार ॥ शंकर

आये है गणेश बप्पा, आज मोरे आंगना, आये मोरे आंगना, जी आये मोरे आंगना, आये हैं गणेश बप्पा, आज मोरे आंगना ॥ चरण पखारूँ माथे

गणपति करते चरणों में हम है नमन, करे पूजा तुम्हारी सब हो के मगन, शिव गौरा के लाल को ध्याते है हम, हे गणपति तुमको

गणेश जी के नाम से भक्तो का, कल्याण हमेशा होता है, पड़ती है नज़र जिस पर भी तेरी, पड़ती है नज़र जिस पर भी तेरी,
