मैंने मन को मंदिर बनाया: भजन (Maine Mann Ko Mandir Banaya)

jambh bhakti logo

मैंने मन को मंदिर बनाया,
ओ गौरी मैया के लाला,
तेरी मूरत को उसमे सजाया,
ओ गौरी मैया के लाला,
ओ गौरी मैया के लाला ॥

हर कारज में जो भी प्राणी,
तुझको प्रथम ही ध्यावे,
किसी किस्म की हानि ना हो,
काम सिद्ध हो जावे,
गजमुख वाले ओ रखवाले,
गजमुख वाले ओ रखवाले,
कर हमपे तू करम,
कर हमपे तू करम,
मैने मन को मंदिर बनाया,
ओ गौरी मैया के लाला ॥

नतमस्तक जो तेरे होवे,
तर जावे वो संसारी,
रिद्धि सिद्धि तू ही देता,
मूसे की करे सवारी,
तू गुणवन्ता तू भगवंता,
तू गुणवन्ता तू भगवंता,
कर सबपे तू करम,
कर सबपे तू करम,
मैने मन को मंदिर बनाया,
ओ गौरी मैया के लाला ॥

तू संचालक सबका मालिक,
विघ्न विनाश को टाले,
तू गुणवन्ता तू भगवंता,
सबको तू ही संभाले,
ओ गणनायक ओ सुखदायक,
ओ गणनायक ओ सुखदायक,
नमन करे तुझे हम,
नमन करे तुझे हम,
मैने मन को मंदिर बनाया,
ओ गौरी मैया के लाला ॥

हे नाथ दया करके, मेरी बिगड़ी बना देना: भजन (Hey Nath Daya Karke Meri Bigdi Bana Dena)

कर दो दुखियो का दुःख दूर, ओ बाघम्बर वाले: भजन (Kar Do Dukhiyo Ka Dukh Dur O Baghambar Wale)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 21 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 21)

मैंने मन को मंदिर बनाया,
ओ गौरी मैया के लाला,
तेरी मूरत को उसमे सजाया,
ओ गौरी मैया के लाला,
ओ गौरी मैया के लाला ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment