सबसे पहला मनावा,
थाने देवा रा सरदार,
रणत भवन सु आप पधारो,
हो रही जय जयकार,
सबसु पहला मनावा,
थाने देवा रा सरदार ॥
शंकर सूत थाने दुनिया है ध्यावे,
गिरजा भवानी थाने लाड़ है लड़ावे,
मूसे चढ़कर आओ,
थारी खूब करा मनुहार,
रणत भवन सु आप पधारो,
हो रही जय जयकार,
सबसु पहला मनावा,
थाने देवा रा सरदार ॥
दुंद दुन्दाला थे हो सूंड सुंडाला,
थारे गले में सोवे मोतियन माला,
पीताम्बर वस्त्रां रो,
थे खूब करो श्रृंगार,
रणत भवन सु आप पधारो,
हो रही जय जयकार,
सबसु पहला मनावा,
थाने देवा रा सरदार ॥
लड्डुवन रो बाबा थाने भोग लगावा,
तिलक लगावा मीठा भजन सुनावा,
दयावन्त वरदायक,
हे विनायक महाराज,
रणत भवन सु आप पधारो,
हो रही जय जयकार,
सबसु पहला मनावा,
थाने देवा रा सरदार ॥
खाता बया में थारो नाम है लिखीजे,
शादी विवाह में थाने प्रथम नुतीजे,
‘विमल’ थारा गुण गावे,
थे खूब भरो भंडार,
रणत भवन सु आप पधारो,
हो रही जय जयकार,
सबसु पहला मनावा,
थाने देवा रा सरदार ॥
लोहट-हांसा को जाम्भोजी का अंतिम उपदेश
शरण हनुमत की जो आया: भजन (Sharan Hanumat Ki Jo Aaya)
आजा माँ तेनु अखियां उडीकदीयां: भजन (Aja Maa Tenu Ankhiyan Udeekdiyan)
सबसे पहला मनावा,
थाने देवा रा सरदार,
रणत भवन सु आप पधारो,
हो रही जय जयकार,
सबसु पहला मनावा,
थाने देवा रा सरदार ॥








