
मेरे घर राम आये है: भजन (Mere Ghar Ram Aaye Hai)
मेरी चौखट पे चलके आज, चारों धाम आए है, बजाओ ढोल स्वागत में, मेरे घर राम आये है, कथा शबरी की जैसे, जुड़ गई मेरी

मेरी चौखट पे चलके आज, चारों धाम आए है, बजाओ ढोल स्वागत में, मेरे घर राम आये है, कथा शबरी की जैसे, जुड़ गई मेरी

सूरज चंदा तारे उसके, धरती आसमान, दिन भी उसका रात भी उसकी, उसकी सुबह और शाम, राम की राम ही जाने राम ॥ संत जनो

॥श्री बजरंग बाण पाठ॥ ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान । तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥ ॥ चौपाई

मैंने मन को मंदिर बनाया, ओ गौरी मैया के लाला, तेरी मूरत को उसमे सजाया, ओ गौरी मैया के लाला, ओ गौरी मैया के लाला

गजानन चरण कमल रज दीजे, गजानन चरण कमल रज दीजें ॥ तुम्हरी कृपा मिलत अविनाशी, भव बंधन कट जासी, जग में नहीं है सहारा जिनको,

आना हो श्री गणेशा, मेरे भी घर में आना, हे गौरीसुत गजानन, हे गौरीसुत गजानन, मुझको ना भूल जाना, आना हों श्री गणेशा, मेरे भी

सबसे पहला मनावा, थाने देवा रा सरदार, रणत भवन सु आप पधारो, हो रही जय जयकार, सबसु पहला मनावा, थाने देवा रा सरदार ॥ शंकर
