
लागी लगन शंकरा – शिव भजन (Laagi Lagan Shankara)
भोले बाबा तेरी क्या ही बात है, भोले शंकरा तेरी क्या ही बात है, दूर होकर भी तू साथ है, दूर होकर भी तू साथ

भोले बाबा तेरी क्या ही बात है, भोले शंकरा तेरी क्या ही बात है, दूर होकर भी तू साथ है, दूर होकर भी तू साथ

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर तीनों लोकन हूँ में नाय ऐसो चटक मटक सो ठाकुर तीनों लोकन हूँ में नाय तीनों लोकन हूँ में नाय

रास कुन्जन में ठहरायो, रास मधुबन में ठररायो, सखियाँ जोवे बाँट, साँवरो अब तक नहीं आयो रास कुंजन में ठहरायो ॥ राधा सोच करे मन

मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का । दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥ कमल लज्जाये तेरे, नैनो को देख के

होली खेलन आयो श्याम होली खेलन आयो श्याम, आज याहि* रंग में बोरो# री ॥ कोरे-कोरे कलश मँगाओ, रंग केसर को घोरो री । मुख

भगवान कृष्ण के बचपन का निवास ब्रज क्षेत्र यानी मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, नंदगांव और बरसाना होली के लिए भारत मे सबसे अधिक प्रसिद्ध है।

होली एक ऐसा रंगबिरंगा त्योहार है, जिसमे हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ रंगों से, मिष्ठानो से, भजनों से जाति बंधन
