
आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार – भजन (Aayo Aayo Re Shivratri Tyohaar)
आयो आयो रे शिवरात्रि त्यौहार, सारा जग लागे आज काशी हरिद्वार, आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार ॥ धरती और गगन ने मिलके, शब्द यही दोहराए,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्यौहार, सारा जग लागे आज काशी हरिद्वार, आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार ॥ धरती और गगन ने मिलके, शब्द यही दोहराए,

जय हो, जय हो शंकरा भोलेनाथ, शंकरा आदिदेव, शंकरा हे शिवाय, शंकरा तेरे जाप के बिना भोलेनाथ, शंकरा चले ये साँस किस तरह हे शिवाय,

शंकर के द्वारे चले काँवरिया भोले के प्यारे चले काँवरिया जय हो तेरी हे त्रिपुरारी तीन लोक तुझपे बलिहारी गुण गाएँ तेरे नर-नारी शंकर के

भोले बाबा से जिनका सम्बन्ध है, उनके घर में आनंद ही आनंद है ॥ डोर जीवन की सौंप शिव के नाम को, बाबा कर देगा

बम बम बम बम बम भोला, पहना सन्यासी चोला, कांधे झोला अनमोला डाल के, दर्शन करने चले हैं नंदलाल के ॥ देव गणों से विदा

गौरा जी को भोले का, योगी रूप सुहाया है, इसीलिए तप करके, भोलेनाथ को पाया है, गौरा माँ को भोले का ॥ कैलाश पर्वत पे,

बम भोले बम भोले बम बम बम, यही वो तंत्र है यही वो मंत्र है, प्रेम से जपोगे तो मिटेंगे सारे गम ॥ कभी योगी
