गौरी गणेश मनाऊँ,
आज सुध लीजे हमारी,
गौरी गणेश मनाऊँ,
आज सुध लीजे हमारी ।
सुरहिन गैया को गोबर मनागौं,
दिग धर अगना लीपाऊं,
आज सुध लीजे हमारी ।
गौरी गणेश मनाऊँ,
आज सुध लीजे हमारी,
गौरी गणेश मनाऊँ,
आज सुध लीजे हमारी ।
गंगा जल स्नान कराऊँ,
पीताम्बर पहनाऊं,
आज सुध लीजे हमारी ।
गौरी गणेश मनाऊँ,
आज सुध लीजे हमारी,
गौरी गणेश मनाऊँ,
आज सुध लीजे हमारी ।
हरी हरी दूब मैं खूब चढ़ाऊँ,
चन्दन घोल लगाऊं,
आज सुध लीजे हमारी ।
हे जग स्वामी, अंतर्यामी, तेरे सन्मुख आता हूँ! (He Jag Swami Anataryami, Tere Sanmukh Aata Hoon!)
श्री तुलसी स्तोत्रम् (Shri Tulsi Stotram)
काली काली अलको के फंदे क्यूँ डाले: भजन (Kali Kali Alko Ke Fande Kyun Dale)
गौरी गणेश मनाऊँ,
आज सुध लीजे हमारी,
गौरी गणेश मनाऊँ,
आज सुध लीजे हमारी ।
पहली पूजा करूँ तुम्हारी,
लड्डू भोग लगाऊं,
आज सुध लीजे हमारी ।
गौरी गणेश मनाऊँ,
आज सुध लीजे हमारी,
गौरी गणेश मनाऊँ,
आज सुध लीजे हमारी ।








