मुझे खाटू बुलाया है,
मुझको बधाई दो सभी,
बाबा श्याम ने बुलाया है,
मुझें खाटू बुलाया है,
मुझको रोको ना कोई,
बाबा श्याम ने बुलाया है ॥
मैं निशान उठाऊंगा,
मैं निशान उठाऊंगा,
रींगस से पैदल चलकर के,
बाबा श्याम को चढ़ाऊंगा ॥
तोरण द्वार जब पहुंचूंगा,
तोरण द्वार जब पहुंचूंगा,
शीश झुकाकर सांवरे,
तेरे चरणों को चूमूंगा ॥
लम्बी लम्बी कतारें है,
लम्बी लम्बी कतारें है,
हमको जीता दो सांवरे,
हम भी दुनिया से हारे है ॥
बड़ी दूर से आया हूँ,
एक फूल मैं लाया हूँ,
इसे स्वीकार कर लो,
सच्ची भावना से लाया हूँ ॥
जाम्भोजी का जैसलमेर पधारना भाग 4
काशी में कैलाशी - भजन (Kaashi Mein Kailashi)
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 3 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 3)
मैं जल्दी आऊंगा,
मैं जल्दी आऊंगा,
काम बनाना सांवरे,
तेरा शुकर मनाऊंगा,
तेरे भजनो को गाऊंगा ॥
मुझे खाटू बुलाया है,
मुझको बधाई दो सभी,
बाबा श्याम ने बुलाया है,
मुझें खाटू बुलाया है,
मुझको रोको ना कोई,
बाबा श्याम ने बुलाया है ॥








