
मेरे तो आधार हैं, भोलेनाथ के चरणारविन्द – भजन (Mere To Aadhar Hai Bholenath Ke Charnarvind)
मेरे तो आधार है, भोलेनाथ के चरणारविन्द, भोले के चरणारविन्द, बाबा के चरणारविन्द, मेरे तो आधार हैं, भोलेनाथ के चरणारविन्द ॥ भोर भये गंगाजल लेकर,

मेरे तो आधार है, भोलेनाथ के चरणारविन्द, भोले के चरणारविन्द, बाबा के चरणारविन्द, मेरे तो आधार हैं, भोलेनाथ के चरणारविन्द ॥ भोर भये गंगाजल लेकर,

नाथों के नाथ महादेव शिव शंकर भीड़ में सुनसान में साक्षात् शम्भुनाथ ॐ की गुंजार में ओमकार शिव नाथ दृश्य या अदृश्य हर पुकार में

शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा काली घटा में चमके, जैसे कोई सितारा । शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा काली

ग्रह प्रवेश के समय गाए जाने वाला पॉपुलर भजन, जिसमें सभी देवों का आवाहन किया गया है। आ जाओ भोले बाबा मेरे मकान मे, तेरा

आयो आयो रे शिवरात्रि त्यौहार, सारा जग लागे आज काशी हरिद्वार, आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार ॥ धरती और गगन ने मिलके, शब्द यही दोहराए,

जय हो, जय हो शंकरा भोलेनाथ, शंकरा आदिदेव, शंकरा हे शिवाय, शंकरा तेरे जाप के बिना भोलेनाथ, शंकरा चले ये साँस किस तरह हे शिवाय,

शंकर के द्वारे चले काँवरिया भोले के प्यारे चले काँवरिया जय हो तेरी हे त्रिपुरारी तीन लोक तुझपे बलिहारी गुण गाएँ तेरे नर-नारी शंकर के
