
जबलपुर में काली विराजी है: भजन (Jabalpur Mein Kali Viraji Hai)
जबलपुर में काली विराजी है, तरसे मोरी अंखियां, दे दर्शन इस लाल को, जो आऊं तोरि दुअरिया ॥ अरे भगतन खो दर्शन देबे ले लाने,

जबलपुर में काली विराजी है, तरसे मोरी अंखियां, दे दर्शन इस लाल को, जो आऊं तोरि दुअरिया ॥ अरे भगतन खो दर्शन देबे ले लाने,

हमें तो जो भी दिया, मेरी मैया ने दिया, हमेशा आपके हाथो से, सर झुका के लिया, हमे तो जो भी दिया, मेरी मईया ने

तू साँची है भवानी माँ, तेरा दरबार साँचा है, टिका जिसपे जगत सारा, तेरा माँ प्यार साँचा है ॥ तेरे मंदिर में जो आते, कभी

कैसे कह दूँ, दुआ बेअसर हो गई, मैं रोया, मेरी माँ को खबर हो गई, मैं रोया, मेरी मां को खबर हो गई ॥ पोंछे

थारे भरोसे बैठ्यो मैया, कोई ना म्हारो है, आसरो दादी थारो है, आसरो म्हाने थारो है ॥ नैया मेरी भटक गई है, थोड़ी थोड़ी चटक

झुंझुनू वाली दादी, ममता की मूरत है, सारे जग से दादी माँ, तेरी प्यारी सूरत है, झुंझनू वाली दादी, ममता की मूरत है ॥ जिसने

गणपति आयो बापा, रिद्धि सिद्धि लायो, गजानंद आयो, रिद्धि सिद्धि लायो, गणपति आयों बापा, रिद्धि सिद्धि लायो, गजानंद आयो, रिद्धि सिद्धि लायो ॥ शिव जी
