
तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे: भजन (Tumko Tumhare Bete Pukare)
तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे, आ जाओ मैया घर में हमारे ॥ बेटे तुम्हारे लाखों है मैया, किसी का महल है, किसी की है कुटिया, तुम्हे

तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे, आ जाओ मैया घर में हमारे ॥ बेटे तुम्हारे लाखों है मैया, किसी का महल है, किसी की है कुटिया, तुम्हे

हमें निज धर्म पर चलना, सिखाती रोज रामायण, सदा शुभ आचरण करना, सिखाती रोज रामायण ॥ जिन्हे संसार सागर से, उतर कर पार जाना है,

मन तड़पत हरि दर्शन को आज मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज विनती करत हूँ रखियो लाज ॥ मन तड़पत हरि…॥ तुम्हरे द्वार का मैं

गोपाल गोकुल वल्लभे, प्रिय गोप गोसुत वल्लभं । चरणारविन्दमहं भजे, भजनीय सुरमुनि दुर्लभं ॥ घनश्याम काम अनेक छवि, लोकाभिराम मनोहरं । किंजल्क वसन किशोर मूरति,

अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में, है जीत तुम्हारे हाथों में, और हार तुम्हारे हाथों में ॥ मेरा निश्चय है

मुकुन्द माधव गोविन्द बोल । केशव माधव हरि हरि बोल ॥ राम राम बोल, राम राम बोल । शिव शिव बोल, शिव शिव बोल ॥

राम का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो जो दुनिया का मालिक है, नाम उसी का लिया करो राम का सुमिरन किया करो,
