
जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा: भजन (Jaha Le Chaloge Vahi Me Chalunga)
जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा, जहाँ नाथ रख लोगे, वही मैं रहूँगा । ये जीवन समर्पित, चरण में तुम्हारे, तुम्ही मेरे सर्वस्व, तुम्ही प्राण

जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा, जहाँ नाथ रख लोगे, वही मैं रहूँगा । ये जीवन समर्पित, चरण में तुम्हारे, तुम्ही मेरे सर्वस्व, तुम्ही प्राण

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा, हनुमान जन्मोत्सव और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन। राम कहानी सुनो

हरि तुम हरो जन की भीर। द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥ हरि तुम हरो जन की भीर… भगत कारण रूप नरहरि धर्यो आप

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन/आरती। जगमग जगमग जोत जली है।

मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना । तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥ मुझे कौन जानता था, तेरी

श्रद्धा रखो जगत के लोगो, अपने दीनानाथ में । लाभ हानि जीवन और मृत्यु, सब कुछ उस के हाथ में ॥ मारने वाला है भगवान,

सुख के सब साथी, दुःख में ना कोई । मेरे राम, मेरे राम.. तेरा नाम एक साँचा, दूजा ना कोई ॥ जीवन आनी जानी छाया,
