मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना – भजन (Mujhe Ras Agaya Hai Tere Dar Pe Sar Jhukana)

jambh bhakti logo

मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी,
मुझे मिल गया ठिकाना ॥

मुझे कौन जानता था,
तेरी बंदगी से पहले ।
तेरी याद ने बना दी,
मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥

मुझे इसका गम नहीं है,
की बदल गया ज़माना ।
मेरी ज़िन्दगी के मालिक,
कहीं तुम बदल न जाना ॥

यह सर वो सर नहीं है,
जिसे रख दूँ फिर उठा लूं ।
जब चढ़ गया चरण में,
आता नहीं उठाना ॥

तेरी सांवरी सी सुरत,
मेरे मन में बस गयी है ।
ऐ सांवरे सलोने,
अब और ना सताना ॥

श्री नारायण कवच (Shri Narayan Kavach)

पाहल मंत्र हिंदी (बिश्नोई मंत्र) जम्भेश्वर भगवान Bishnoi Pahal mantra in Hindi

जाम्भोजी का जैसलमेर पधारना भाग 4

दुनियां की खा के ठोकर,
मैं आया तेरे द्वारे ।
मेरे मुरली वाले मोहन,
अब और ना सताना ॥

मेरी आरजु यही है,
दम निकले तेरे दर पे ।
अभी सांस चल रही है,
कहीं तुम चले ना जाना ॥

आरती कुंजबिहारी की | आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन | श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | आरती श्री बाल कृष्ण जी की | ॐ जय जगदीश हरे | मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं | कृष्ण भजन | अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं | श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी

Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment