हरि तुम हरो जन की भीर।
द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥
हरि तुम हरो जन की भीर…
भगत कारण रूप नरहरि धर्यो आप शरीर॥
हिरण्यकश्यप मारि लीन्हो धर्यो नाहिन धीर॥
हरि तुम हरो जन की भीर…
बूड़तो गजराज राख्यो कियौ बाहर नीर॥
दासी मीरा लाल गिरधर चरणकंवल सीर॥
हरि तुम हरो जन की भीर।
द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥
ये माया तेरी, बहुत कठिन है राम - भजन (Ye Maya Teri Bahut Kathin Hai Ram)
मेरी फरियाद सुन भोले: भजन (Meri Fariyad Sun Bhole)
घर में आओ लक्ष्मी माता - भजन (Mere Ghar Aao Laxmi Maa)
Post Views: 495








