
जिस दिल में आपकी याद रहे: भजन (Jis Dil Main Aapki Yaad Rahe)
जिस दिल में आपकी याद रहे प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो राही न सही मंजिल की तरफ राही की तरफ मंजिल करदो मन में

जिस दिल में आपकी याद रहे प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो राही न सही मंजिल की तरफ राही की तरफ मंजिल करदो मन में

पंथ निहारत, डगर बहारथ, होता सुबह से शाम, कहियो दर्शन दीन्हे हो, भीलनियों के राम । पंथ निहारत, डगर बहारथ, होता सुबह से शाम, कहियो

राम भजा सो जीता जग में, राम भजा सो जीता रे। हृदय शुद्ध नही कीन्हों मूरख, कहत सुनत दिन बीता रे। राम भजा सो जीता

भगवन चौदह बरस वन वास, भगवन लौट अयोध्या आए । भगवन चौदह बरस वन वास, भगवन लौट अयोध्या आए । वो बागन-बागन आए, और सूखे

परिश्रम करे कोई कितना भी लेकिन, कृपा के बिना काम चलता नहीं है । निराशा निशा नष्ट होती ना तब तक, दया भानु जब तक

हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो, हरि चरणारविन्द उर धरो हरे राम हरे राम रामा रामा हरे हरे हरे कृष्णा करे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे

राम नाम सोहि जानिये, जो रमता सकल जहान घट घट में जो रम रहा, उसको राम पहचान तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार, उदासी मन काहे
