
जब तें रामु ब्याहि घर आए – रामचरितमानस (Jab Te Ram Bhayai Ghar Aaye)
परम पूज्य संत श्री डोंगरे जी महाराज कहा करते थे जिन परिवारों मे अयोध्या काण्ड के मंगलाचरण की यह चौपाईयाँ प्रतिदिन गाई, सुनी और आचरण

परम पूज्य संत श्री डोंगरे जी महाराज कहा करते थे जिन परिवारों मे अयोध्या काण्ड के मंगलाचरण की यह चौपाईयाँ प्रतिदिन गाई, सुनी और आचरण

यह स्तुति भगवान शिव द्वारा प्रभु राम के अयोध्या वापस आपने के उपलक्ष्य में गाई गई है। जिसके अंतर्गत सभी ऋषिगण, गुरु, कुटुम्बी एवं अयोध्या

रघुपति राघव राजाराम । पतितपावन सीताराम ॥ जय रघुनन्दन जय घनश्याम । पतितपावन सीताराम ॥ भीड़ पड़ी जब भक्त पुकारे । दूर करो प्रभु दु:ख

तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥ तुम्हीं से चला करती प्राणों की धड़कन

यह श्री रामअवतार स्तुति, भगवान श्री रामचंद्र के इस भूलोक पर आगम की एक सुंदर अनुभूति को दर्शित करती है। श्री रामअवतार स्तुति नवजात शिशु

कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार । कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार । हाथों में फूलों का दौना भी सोहे सुंदर गले

शुरू हो रही है राम कहानी, शुरू हो रही हैं राम कहानी, महिमा पुरानी वेद बखानी, तुलसी की वाणी, शुरू हो रही हैं राम कहानी
