कुमार मैने देखे,
सुंदर सखी दो कुमार ।
कुमार मैने देखे,
सुंदर सखी दो कुमार ।
हाथों में फूलों का दौना भी सोहे
सुंदर गले में सोहे हार,
कुमार मैने देखे ।
॥ कुमार मैने देखे, सुंदर…॥
सुंदर सलौने बांके रसीले
मोह लिए नर नारी,
कुमार मैने देखे ।
॥ कुमार मैने देखे, सुंदर…॥
मुनियों का यज्ञ इन्होंने रचाया
दीनो की सुनते पुकार,
कुमार मैने देखे ।
॥ कुमार मैने देखे, सुंदर…॥
भक्तों के जीवन, संतों के प्यारे
सब के हैं प्राण आधार,
कुमार मैने देखे ।
॥ कुमार मैने देखे, सुंदर…॥
करुणा के सागर, दशरथ के दुलारे
सब इनसे करते हैं प्यार,
कुमार मैने देखे ।
॥ कुमार मैने देखे, सुंदर…॥
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पल भर में अपने, चरणों की रज से
नारी अहिल्या दी तार,
कुमार मैने देखे ।
॥ कुमार मैने देखे, सुंदर…॥
कुमार मैने देखे,
सुंदर सखी दो कुमार ।
कुमार मैने देखे,
सुंदर सखी दो कुमार ।








