
ऐसो रास रच्यो वृन्दावन – भजन (Aiso Ras Racho Vrindavan Hai Rahi Payal Ki Jhankar)
ऐसो रास रच्यो वृन्दावन, है रही पायल की झंकार ॥ ऐसो रास रच्यो वृन्दावन, है रही पायल की झंकार ॥ घुंघरू खूब छमा छ्म बाजे,

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन, है रही पायल की झंकार ॥ ऐसो रास रच्यो वृन्दावन, है रही पायल की झंकार ॥ घुंघरू खूब छमा छ्म बाजे,

रक्षा करो मेरे राम, रक्षा करों मेरे राम, मन की लगी है तुमसे ही भगवन, मन की लगी है तुमसे ही भगवन, पूजूँ तुम सुबह

जुबां पे राम का नाम होना चाहिए, मन मंदिर में राम होना चाहिए, मन मंदिर में राम होना चाहिए ॥ सीताराम चरित अति पावन, तुलसी

राजा राम आइये, प्रभु राम आइये, मेरे भोजन का, भोग लगाइये ॥ आचमनी अर्घा आरती, यही यहाँ मेहमानी, रुखी रोटी पाओ प्रेम से, पियो नदी

मेरो मन राम ही राम रटे रे, राम ही राम रटे रे ॥ राम नाम जप लीजे प्राणी, कोटिक पाप कटे रे, राम नाम जप

मैं भी बोलूं राम तुम भी बोलो ना, राम है अनमोल मुख को खोलो ना ॥ तू मृत्यु लोक में आया, तुने राम नाम नहीं

सखी री दो कुंवर सुंदर, मनोहर आज आये है, चले दो लाल सजधज कर, ना जाने किसके जाये है, सखी री दो कुँवर सुंदर, मनोहर
