
रघुपति राघव राजाराम: भजन (Raghupati Raghav Raja Ram)
भगवान श्री हरि के मानव अवतार पुरुषोत्तम श्री राम को समर्पित यह भजन श्री लक्ष्माचर्या द्वारा रचित श्री नम: रामायणम् का एक अंश है। स्वतंत्रता

भगवान श्री हरि के मानव अवतार पुरुषोत्तम श्री राम को समर्पित यह भजन श्री लक्ष्माचर्या द्वारा रचित श्री नम: रामायणम् का एक अंश है। स्वतंत्रता

मेरे राघव जी उतरेंगे पार, गंगा मैया धीरे बहो, मैया धीरे बहो, मैया धीरे बहो, मेरे राघव जी उतरेगे पार, गंगा मैया धीरे बहो ॥

जाणे कितने दिन पाछे, आज बाबो मिलसी, म्हाने बाबो मिलसी, देखता ही बाबो म्हाने, बाथि भरसी ॥ प्रेमियाँ सु प्रेम करनो, बाबा को स्वभाव है,

खाटू चालों खाटू चालों, खाटू वाले श्याम धणी को, हैलो आयो है, रंग रंगिलों फागणिये को, मेलो आयो है, खाटू चालों खाटू चालों ॥ जगह

सारी दुनिया में मच रहयो हेलो, म्हारो सेठ बड़ो अलबेलो, ओ म्हारो सेठ बडो अलबेलो मैं तो बन गयो आ को चेलो, म्हारो सेठ बडो

फागण को महीनो, लिख दीन्यो बाबा जी के नाम, कोई काम नहीं दूजो, बस बोलां जय श्री श्याम ॥ खाटू की नगरिया, सजगी निराली जी,

सांवरिया तेरे दीदार ने, दीवाना कर दिया, मुझे दीवाना कर दिया, कहीं भी लागे ना जिया, साँवरिया तेरे दीदार ने, दीवाना कर दिया ॥ साँवली
