
हे श्याम ध्वजा बंदधारी, तुम ही सुनते हो हमारी – भजन (Hey Shyam Dhwaja Banddhari Tum Hi Sunte Ho Hamari)
हे श्याम ध्वजा बंदधारी, तुम ही सुनते हो हमारी, जब कोई ना आड़े आवे, देख भगत की हार जिताने, तू लीले चढ़कर आवे, हें श्याम

हे श्याम ध्वजा बंदधारी, तुम ही सुनते हो हमारी, जब कोई ना आड़े आवे, देख भगत की हार जिताने, तू लीले चढ़कर आवे, हें श्याम

दिल से जयकारा बोलो, संकट में कभी ना डोलो, पकड़ेगा तेरा हाथ, सांवरा बढ़ करके, आएगा मेरा श्याम, लीले चढ़ करके, लीले चढ़ करके, ओ

स्वीकार हमें करले, हम दुखड़ो के मारे है, तू कह दे कहाँ जाएं, बस तेरे सहारे है, स्वीकार हमे करले, हम दुखड़ो के मारे है

बांके बिहारी की देख छटा, मेरो मन है गयो लटा पटा। कब से खोजूं बनवारी को, बनवारी को, गिरिधारी को। कोई बता दे उसका पता,

आज मिल्या मौका, भोले के दर्शन पाने का, नीलकण्ठ पै चाल नही, कोए काम उलहाणे का ॥ हर की पौड़ी जाकै न, हम गंगा जी

शिव में मिलना है ॥ दोहा – कितना रोकूं मन के शोर को, ये कहा रुकता है, की शोर से परे, उस मौन से मिलना

गणपति राखो मेरी लाज, गणपति राखो मेरी लाज, पूरण करियो मेरे काज, गणपति राखो मेरी लाज, गणपति राखो मेरी लाज । सदा रहो खुशहाल, गणपति
