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आरती एवं भजन

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पापिडा रे मुख सूं राम नहीं निकले भजन :- पापिडा रे मुख सूं राम नहीं निकले पापीड़ा के मुख सू राम नहीं निकले केशर धूल रही गारा में । मिनख जमारो ऐलो मति खोवो सुकृत करलो जमारा में । माला लेय मूरख ने दीनी क्या जाणे फेरण हारा ने ।…

म्हारो बेडो लगा दीजो पार भजन :- मै तो जोऊ रे सांवरिया थारी बाट जोऊ रे सांवरिया थारी बाट वैरागण हरि रे नाम री। उड़जा रे केसरिया काला काग मढाऊ थारी पाखंडी। सतगुरु जी मिलन रो लागो कोड फरुके डावी आघाडी। इणरे सरवरिये वाली पाल, आम्बो न दूजी आम्बली ।…

सांवरा थारा नाम हजार भजन :- सांवरा थारा नाम हजार सांवरिया थारा नाम हजार कैसे लिखू कू कं पत्री । कोई कहे कान्हो कोई कहे कृष्णो । कोई कहे मदन मुरार, कैसे लिखू कू कू पत्री। कोई कहे देवकी को, कोई कहे यशोदा को । कोई कहे नंदजी रो लाल,…

मत ले जिवडा नींद हरामी भजन :- मत ले जिवडा नींद हरामी मतले जिवड़ा नींद हरामी, थोडे जीवणा में काई सोवे । थारे घर में घोर अंधेरो, पर घर दिवला कांई जोवे । थारे घर में होद भरयो है, कादा में कपड़ा कांई थोवो । थारे घर में रूख चंदन…

म्हाने आछो लागे महाराज दर्शन जांभ जी रो भजन :- आणद हियो रे अपार पिपासर नगरी में। आणद हुओ अपार पीपासर नगरी में । खुशी भये नर नार पीपासर नगरी में ।।टेर।। पीपासर में आनंद भारी, तृलोकी अवतारी । स्वर्ग लोक सुर बाजा बाजे, खुशी भये नर नारी। …

गिरधर गोकुल आव भजन :- गिरधर गोकुल आव गिरधर गोकुल आव गोपी संदेशो मोकलो । मोहि दरशण रो राव, प्रेम पियारा कानजी ।टेक । थारे माथे मुकुट सु ढाल, केसर तिलक जू हद बण्यो । मोहन नेण विशाल, सुन्दर बदनसुहावणों ।।1।। घूघर वाला केश कानन कुंडल झलक रही । ओही…

आरती – कु कु केरा चरण कु कु केरा चरण कु कु केरा चरण पधारो गुरू जम्भदेव, साधु जो भक्त थारी आरती करे। महात्मा पुरूष थारो ध्यान धरे । जम्भ गुरू ध्यावे सो सर्व सिद्धि पावे । क्रोड़ जन्म किया पाप झरे । हृदय जो…