श्याम खाटू वाले से,
मेरी पहचान हो गई,
मुश्किल बड़ी थी मेरी,
मंजिल आसान हो गई,
श्याम खाटू वालें से,
मेरी पहचान हो गई ॥
जो हार के दर पे आया,
बाबा की शरण वो पाया,
इनका शुकर मनाये हम,
दर पे सर झुकाए हम
देखके इनकी दातारी,
मैं हैरान हो गई,
श्याम खाटू वालें से,
मेरी पहचान हो गई ॥
पिछले जनम के अच्छे करम,
हो गया अपना श्याम मिलन,
भक्तों के अरमा मचले,
ख़ुशी के आंसू निकले,
इनकी दया से अपनी,
आन बान शान हो गई,
श्याम खाटू वालें से,
मेरी पहचान हो गई ॥
इनका सर पे हाथ रहे,
हर पल इनका साथ रहे,
प्रेम का धागा टूटे ना,
बाबा हमसे रूठे ना,
‘चोखानी’ कहे ‘अंजलि’ तेरी,
थोड़ी पहचान हो गई,
श्याम खाटू वालें से,
मेरी पहचान हो गई ॥
जगमग जगमग जोत जली है, आरती श्री राम जी (Jagmag Jyot Jali Hai Shri Ram Aarti)
भगवद् गीता आरती (Aarti Shri Bhagwat Geeta)
श्री सूर्य देव - ऊँ जय कश्यप नन्दन। (Shri Surya Dev Jai Kashyapa Nandana)
श्याम खाटू वाले से,
मेरी पहचान हो गई,
मुश्किल बड़ी थी मेरी,
मंजिल आसान हो गई,
श्याम खाटू वालें से,
मेरी पहचान हो गई ॥
आरती कुंजबिहारी की | आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन | श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | आरती श्री बाल कृष्ण जी की | ॐ जय जगदीश हरे | मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं | कृष्ण भजन | अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं | श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी








