म्हने हिचक्या आवे जी: भजन (Mhane Hichkiyan Aave Ji)

jambh bhakti logo

अरज लगावे जी,
सांवरिया थासु अरज लगावे जी,
म्हारी आंख्या सु नीर बहे,
म्हाने हिचक्या आवे जी,
याद सतावे जी,
सांवरिया थारी याद सतावे जी,
म्हारी आंख्या सु नीर बहे,
म्हने हिचक्या आवे जी ॥

कागलियो तो मुंडेर पे बोले,
आजा रे कन्हैया म्हारो,
जिवडो यो डोले,
प्रीत या म्हारी काहे को तोले,
अरज लगावे जी,
सांवरिया थासु अरज लगावे जी ॥

दिन कोन्या बीते,
कटे कोन्या रातां,
याद करूँ थारी मीठी मीठी बातां,
सुध म्हारी ले ल्यो,
थे बाबा आता जाता,
दास बुलावे जी,
सांवरिया थाने दास बुलावे जी,
म्हारी आंख्या सु नीर बहे,
म्हने हिचक्या आवे जी ॥

छोड़ के जग थासु प्रीत लगाई,
काई कसर म्हारे भाव में आई,
बाबा क्यों म्हारी थे सुध बिसराई,
कुछ कोन्या भावे जी,
सांवरिया म्हाने कुछ कोन्या भावे जी,
म्हारी आंख्या सु नीर बहे,
म्हने हिचक्या आवे जी ॥

थारो ही थो बाबा थारो ही रहूंगो,
प्यार तकरार बार बार करुँगो,
मनडे री बातां बाबा थासु ही कहुँगो,
‘रोमी’ गुण गावे जी,
सांवरिया थारा ‘रोमी’ गुण गावे जी,
म्हारी आंख्या सु नीर बहे,
म्हने हिचक्या आवे जी ॥

भजमन राम चरण सुखदाई: भजन (Bhajman Ram Charan Sukhdayi)

छठ पूजा: कबहुँ ना छूटी छठि मइया (Kabahun Na Chhooti Chhath)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 11 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 11)

अरज लगावे जी,
सांवरिया थासु अरज लगावे जी,
म्हारी आंख्या सु नीर बहे,
म्हाने हिचक्या आवे जी,
याद सतावे जी,
सांवरिया थारी याद सतावे जी,
म्हारी आंख्या सु नीर बहे,
म्हने हिचक्या आवे जी ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment