चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां – शब्द कीर्तन (Charan Kamal Tere Dhoye Dhoye Peevan)

jambh bhakti logo

सिमर सिमर नाम जीवा
तन मन होए निहाला,
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला

सिमर सिमर नाम जीवा
तन मन होए निहाला,
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला

पार ब्रह्म परमेश्वर सतगुरु,
आपे कर निहाला,
चरण धुल तेरी सेवक मांगे
तेरे दर्शन दो बलिहारा,

सिमर सिमर नाम जीवा
तन मन होए निहाला,
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला

मेरे राम राये, मेरे राम राये
ज्यों राखे, त्यों रहिये
दुःख पावे ता नाम जपांवे
सुख तेरा देता लहिए

सिमर सिमर नाम जीवा
तन मन होए निहाला,
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला

मुकत भुगत जुगत तेरी सेवा
जिसे तू आप करावे
तहाँ बैकुंठ जहाँ कीर्तन तेरा
तू आपे सारधा लावे,

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 2 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 2)

जय हो, जय हो महाकाल राजा: भजन (Jai Ho Jai ho Mahakal Raja)

हे राम भक्त हनुमान जी, मुझे ऐसी भक्ति दो: भजन (Hey Ram Bhakt Hanuman Ji Mujhe Aisi Bhakti Do)

सिमर सिमर नाम जीवा
तन मन होए निहाला,
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला

कुर्बान जाऊ तो उस वेला सुहावे,
तुमने द्वारे आवा,
नानक को प्रभु भये किरपाला,
सतगुरु पूरा पाया,

सिमर सिमर नाम जीवा
तन मन होए निहाला,
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां
मेरे सतगुरु दीन दयाला

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment