बजरंगी सरकार,
द्वार तेरे आए,
द्वार तेरे आए,
दरश तेरा पाए,
विनती करो स्वीकार,
द्वार तेरे आए,
बजरँगी सरकार,
द्वार तेरे आए ॥
बाला तेरी महिमा का,
नहीं कोई पार,
पूजा तेरी करता है,
सब संसार,
भक्तो का करते बेड़ा पार,
द्वार तेरे आए,
बजरँगी सरकार,
द्वार तेरे आए ॥
पापों का संहार करे,
भक्तो का उद्धार,
जो गाता है महिमा तेरी,
उसका तू रखवाल,
करते है विनती हजार,
द्वार तेरे आए,
बजरँगी सरकार,
द्वार तेरे आए ॥
पल में सुनते बाला अपने,
भक्तो की पुकार,
भूत प्रेत से पीछा छुटे,
आए जो भी द्वार,
‘हलचल’ करता तेरी जय जयकार,
द्वार तेरे आए,
बजरँगी सरकार,
द्वार तेरे आए ॥
तूने जीना सिखाया भोलेनाथ जी: भजन (Tune Jeena Sikhaya Bholenath Ji)
सकट चौथ पौराणिक व्रत कथा - राजा हरिश्चंद्र.. (Sakat Chauth Pauranik Vrat Katha)
मेरे कंठ बसो महारानी: भजन (Mere Kanth Baso Maharani)
बजरंगी सरकार,
द्वार तेरे आए,
द्वार तेरे आए,
दरश तेरा पाए,
विनती करो स्वीकार,
द्वार तेरे आए,
बजरँगी सरकार,
द्वार तेरे आए ॥








