
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे: भजन (Agar Nath Dekhoge Avgun Humare)
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे, तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥ हमारे लिए क्यों देर किए हो, हमारे लिए क्यों देर किए हो,

अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे, तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥ हमारे लिए क्यों देर किए हो, हमारे लिए क्यों देर किए हो,

चाहे छाए हो बादल काले, चाहे पाँव में पड़ जाय छाले, चल रे कावड़िया शिव के धाम, चाहे आग गगन से बरसे, चाहे पानी को

महाकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है ठिकाना, मैं गुलाम हूँ भोले का, मेरे साथ है जमाना, महांकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है ठिकाना ॥ मेरा क्या बिगाड़

भक्तो का कल्याण करे रे, मेरा शंकर भोला, हर मुश्किल आसान करे रे, मेरा शंकर भोला, ओ मेरा शंकर भोला, ओ मेरा शम्भू भोला ॥

लेते ही नाम भोले का, तूफान हट गया, कश्ती पर मेरी आके, समंदर सिमट गया, ये तो महाकाल का दर है, मेरे महाकाल का दर

कैसे दर आऊं, मैं तेरे दरश पाने को, हे शिव शंकर दर्शन दे दो, अपने दीवाने को, हे शिव शंकर दर्शन दे दो, अपने दीवाने

म्हारा माँ गौरी का लाल, गजानंद आंगन आया जी, आँगन आया जी गजानंद, आंगन आया जी, म्हारा माँ गौरी का लाल, गजानन्द आँगन आया जी
