
माँ रेवा: थारो पानी निर्मल (Maa Rewa: Tharo Pani Nirmal)
नदी को भारत मे माँ का सम्मान दिया गया है, तथा नर्मदा नदी को माँ रेवा के रूप में भी जाना जाता है। यह मध्य-भारत

नदी को भारत मे माँ का सम्मान दिया गया है, तथा नर्मदा नदी को माँ रेवा के रूप में भी जाना जाता है। यह मध्य-भारत

भक्ति का दीप मन में जलाये रखना, प्रभु चरणों में मुझको बिठाये रखना, भक्ति का दीप मन में जलाए रखना ॥ मेरे नैनो को दर्शन

ऊँ शिव गोरक्ष योगी गंगे हर-नर्मदे हर, जटाशङ़्करी हर ऊँ नमो पार्वती पतये हर, बोलिये श्री शम्भू जती गुरु गोरक्षनाथ महाराज की जय, माया स्वरूपी

आंख फरुके बोले कागलियो, म्हारो हरसे छे हिवड़ो आज, सांवरियो आवेलो, म्हारो हरसे छे हिवड़ो आज, सांवरियो आवैलो, आंख फरुके बोले कागलियो ॥ मनड़े रो

अवध में छाई खुशी की बेला, अवध में छाई खुशी की बेला, लगा है, अवध पुरी में मेला । चौदह साल वन में बिताएं, राम

राम नाम के साबुन से जो, मन का मेल भगाएगा, निर्मल मन के शीशे में तू, राम के दर्शन पाएगा ॥ रोम रोम में राम

मैं तो ओढली चुनरियाँ थारे नाम री, थारे नाम री थारे नाम री, मैं तो ओढली चुनरियाँ थारे नाम री, श्याम नाम की ओढ़ चुनरियाँ
