
जिसने भी माँ की चौखट पे, सर को झुका लिया: भजन (Jisne Bhi Maa Ki Chaukhat Pe Sar Ko Jhuka Liya)
जिसने भी माँ की चौखट पे, सर को झुका लिया, करके दया भवानी ने, बाहों में उठा लिया, करके दया भवानी ने, बाहों में उठा

जिसने भी माँ की चौखट पे, सर को झुका लिया, करके दया भवानी ने, बाहों में उठा लिया, करके दया भवानी ने, बाहों में उठा

कावड़ उठाले ध्यान, शिव का लगाले ॥ दोहा – शिव समान दाता नहीं, विपत्ति निवारण हार, लज्जा सब की राखियों, शिव वर्धा के असवार ॥

कहकर तो देख माँ से, दुःख दर्द तेरे दिल के, ये गले से लगा लेगी, तस्वीर से निकल के, ये गले से लगा लेगी, तस्वीर

नौ नौ रूप मैया के तो, बड़े प्यारे लागे, बड़े प्यारे लागे, सबसे प्यारे माँ के, भवनो के नजारे लागे, सबसे प्यारे माँ के, भवनो

भवानी मुझे दर पे बुलाती रहियो, मैया जी मुझे दर पे बुलाती रहियो, भवानी मुझें दर पे बुलाती रहियो ॥ ये दुनिया एक भूल भुलैया,

घर में आओ लक्ष्मी माता, आओ पधारो श्री गणराजा । घर में आओ लक्ष्मी माता, आओ पधारो श्री गणराजा ॥ दीवाली का त्यौहार आया, हमने

माँ का है जगराता, माँ को आज मनाएंगे, जय माता दी बोल के, सब जयकारे लाएंगे ॥ दिन आज खुशी का आया है, माँ का
