नम ॐ विष्णु-पादाय कृष्ण-प्रेष्ठाय भूतले
श्रीमते भक्तिवेदांत-स्वामिन् इति नामिने ।
नमस्ते सारस्वते देवे गौर-वाणी-प्रचारिणे
निर्विशेष-शून्यवादि-पाश्चात्य-देश-तारिणे ॥
जिनके वश में सदा राम रहते है: भजन (Jinke Vash Mein Sada Ram Rahte Hai)
हर घडी भोले दिल में, रहा कीजिये: भजन (Har Ghadi Bhole Dil Mein Raha Kijiye)
दर्शन की प्यासी नजरिया, मैया: भजन (Darshan Ki Pyasi Najariya Maiya)
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