बृहस्पति स्तोत्र (Brihaspati Stotra)

jambh bhakti logo

पीताम्बर: पीतवपु: किरीटी,
चतुर्भुजो देवगुरु: प्रशान्त: ।
दधाति दण्डं च कमण्डलुं च,
तथाक्षसूत्रं वरदोsस्तु मह्यम ॥1॥

नम: सुरेन्द्रवन्द्याय देवाचार्याय ते नम: ।
नमस्त्वनन्तसामर्थ्यं देवासिद्धान्तपारग ॥2॥

सदानन्द नमस्तेस्तु नम: पीडाहराय च ।
नमो वाचस्पते तुभ्यं नमस्ते पीतवाससे ॥3॥

नमोsद्वितीयरूपाय लम्बकूर्चाय ते नम: ।
नम: प्रह्रष्टनेत्राय विप्राणां पतये नम: ॥4॥

नमो भार्गवशिष्याय विपन्नहितकारक: ।
नमस्ते सुरसैन्याय विपन्नत्राणहेतवे ॥5॥

श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा 2 (Shri Brihaspati Dev Ji Vrat Katha In Hindi Vol2)

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ (Sakhi Ri Bank Bihaari Se Hamari Ladgayi Akhiyan)

गोकुल में जन्मा है यशोदा का लाल: भजन (Gokul Me Janma Hai Yashoda Ka Laal)

विषमस्थस्तथा नृणां सर्वकष्टप्रणाशनम ।
प्रत्यहं तु पठेद्यो वै तस्य कामफलप्रदम ॥6॥
॥ इति मन्त्रमहार्णवे बृहस्पतिस्तोत्रम ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment