नवजात शिशु के जन्म बधाई की खुशी मे यह गीत या भजन भारत के जैन समाज मे बहुत लोकप्रिय है!
बजे कुण्डलपर में बधाई,
के नगरी में वीर जन्मे, महावीर जी
जागे भाग हैं त्रिशला माँ के,
के त्रिभवन के नाथ जन्मे, महावीर जी
शुभ घडी जनम की आई,
सवरग से देव आये, महावीर जी
तेरा नवन करें मेरु पर
के इंद्र जल भर लाए, महावीर जी
तुझे देवीआं झुलाये पलना,
मन में मगन हो के, महावीर जी
तेरे पलने में हीरे मोती,
के गोरिओं में लाल लटके, महावीर जी
अब ज्योति तेरी जागी
के सूर्य चाँद छिप जाए, महावीर जी
तेरे पिता लुटावें मोहरें
खजाने सारे खुल जाएंगे, महावीर जी
जय गणेश जय गजवदन, कृपा सिंधु भगवान - भजन (Jai Ganesh Jai Gajvadan Kripa Sindhu Bhagwan)
थोड़ा देता है या ज्यादा देता है: भजन (Thoda Deta Hai Ya Jyada Deta Hai)
श्री शङ्कराचार्य कृतं - अर्धनारीनटेश्वर स्तोत्र॥ (Ardhnarishwar Stotram)
हम दरश को तेरे आए
के पाप सब काट जाएंगे, महावीर जी
बजे कुण्डलपर में बधाई,
के नगरी में वीर जन्मे, महावीर जी








