णमोकार मंत्र है न्यारा, इसने लाखों को तारा।
इस महा मंत्र का जाप करो, भव जल से मिले किनारा।
णमो अरिहंताणं,
णमो सिद्धाणं,
णमो आयरियाणं,
णमो उवज्झायाणं,
णमो लोए सव्व साहूणं ।
एसोपंचणमोक्कारो, सव्वपावप्पणासणो ।
मंगला णं च सव्वेसिं, पडमम हवई मंगलं ।
तत्त्वमसि महावाक्य (Tatwamasi)
रूपा मांझू को जल छानने का आदेश भाग 1
श्याम ने रंगस्या जी: भजन (Shyam Ne Rangsya Ji)
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