
डाल रही वरमाला अब तो जानकी: भजन (Daal Rahi Varmala Ab To Janaki)
डाल रही वरमाला अब तो जानकी, धनुष तोड़ा शिव जी का, श्री राम जी ने, जनक नंदनी मन में हर्षा गई है, विधाता मेरी पूर्ण

डाल रही वरमाला अब तो जानकी, धनुष तोड़ा शिव जी का, श्री राम जी ने, जनक नंदनी मन में हर्षा गई है, विधाता मेरी पूर्ण

भोले शंकर भोले, तुझे पूजे दुनिया सारी रे, तीनो लोक में भोले, तेरी महिमा न्यारी रे, भोले शंकर भोले, तुझे पूजे दुनिया सारी रे, दर्शन

तू महलों में रहने वाली मैं जोगी जट्टा धारी हूँ तेरा मेरा मेल मिले ना रहता अटल अटारी हूँ तू महलों में रहने वाली मैं

शिव का नाम लो । हर संकट में ॐ नमो शिवाय, बस यह नाम जपो ॥ जय शम्बू कहो । जब कोई मुश्किल आन पड़े

तेरे नाम से मशहूर जिंदगानी हो गई, लगन जो तेरी लागि, मैं दीवानी हो गई, दीवानी हाँ दीवानी, दीवानी हो गई, तेरे नाम से मशहूर

तेरे दीदार को भोले, तरसे मोरी अंखियां, दे दर्शन इस दास को, जो आऊं तोरी दुअरिया ॥ ले चल उठा के अपनी कांवरिया, शिव शम्भू

तुम कालों के काल, बाबा मेरे महाकाल ॥ दोहा – उज्जैन नगरी स्वर्ग है, बैठे राजाधिराज महाराज, हर भक्त यहाँ होता निहाल, यहाँ कण कण
