तेरे नाम से मशहूर जिंदगानी हो गई,
लगन जो तेरी लागि,
मैं दीवानी हो गई,
दीवानी हाँ दीवानी,
दीवानी हो गई,
तेरे नाम से मशहूर जिंदगानी हो गई,
हुई जग से परायी शरण तेरी आई,
कहाँ थी मैं देखो कहाँ चली आई,
कहते है साँवरे की मेहरबानी हो गई,
दीवानी हाँ दीवानी,
दीवानी हो गई ॥
तेरा रूप ऐसा मन में समाया,
दीवानी दीवानी दीवानी,
दीवानी हो गई,
कहूं कैसा क्या मैंने पाया,
बेगानी बेगानी बेगानी,
बेगानी हो गई,
पहचान मेरी श्याम ही अब तो,
पहचान मेरी श्याम ही अब तो,
कहानी कहानी कहानी,
कहानी हो गई,
तेरे नाम से मशहुर जिंदगानी हो गई,
लगन जो तेरी लागि,
मैं दीवानी हो गई,
हुई जग से परायी शरण तेरी आई,
कहाँ थी मैं देखो कहाँ चली आई,
कहते है साँवरे की मेहरबानी हो गई,
दीवानी हाँ दीवानी,
दीवानी हो गई ॥
साँवरे तुम नदी तो मैं धारा,
दीवानी दीवानी दीवानी,
दीवानी हो गई,
मेरी कश्ती का तुम हो किनारा,
बेगानी बेगानी बेगानी,
बेगानी हो गई,
तस्वीर ‘जया’ ने दिल में बसाके,
तस्वीर ‘जया’ ने दिल में बसाके,
दीवानी दीवानी दीवानी,
दीवानी हो गई,
तेरे नाम से मशहुर जिंदगानी हो गई,
लगन जो तेरी लागि,
मैं दीवानी हो गई,
हुई जग से परायी शरण तेरी आई,
कहाँ थी मैं देखो कहाँ चली आई,
कहते है साँवरे की मेहरबानी हो गई,
दीवानी हाँ दीवानी,
दीवानी हो गई ॥
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 10 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 10)
मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री - भजन (Meri Chunri Mein Pad Gayo Dag Ri)
लगन जो तेरी लागि,
मैं दीवानी हो गई,
दीवानी हाँ दीवानी,
दीवानी हो गई,
तेरे नाम से मशहूर जिंदगानी हो गईं,
हुई जग से परायी शरण तेरी आई,
कहाँ थी मैं देखो कहाँ चली आई,
कहते है साँवरे की मेहरबानी हो गई,
दीवानी हाँ दीवानी,
दीवानी हो गई ॥








