
माँ के चरणों में ही तो, वो जन्नत होती है: भजन (Maa Ke Charno Mein Hi To Vo Jannat Hoti Hai)
जहाँ पे बिन मांगे, पूरी हर मन्नत होती है, माँ के चरणों में ही तो, वो जन्नत होती है, फीके लगते चाँद सितारे, फीके लगते

जहाँ पे बिन मांगे, पूरी हर मन्नत होती है, माँ के चरणों में ही तो, वो जन्नत होती है, फीके लगते चाँद सितारे, फीके लगते

माँगा है मैने मैया से, वरदान एक ही, तेरी कृपा बनी रहे, जब तक है ज़िंदगी ॥ जिस पर भी माँ का हाथ था, वो

मेरी वैष्णो मैया, तेरी महिमा अपरम्पार, कलियुग में हर प्राणी के, कलियुग में हर प्राणी के, पापो का करो उद्धार, मेरी वैष्णो मईया, तेरी महिमा

नैया चलाती हूँ, मैं बिगड़ी बनाती हूँ, अपने भक्तो का मैं, बेड़ा पार लगाती हूँ, नईया चलाती हूँ ॥ शरण जो मेरी आकर के, भरोसा

साथी हारे का तू, मुझको भी श्याम जीता दे, मेरा ये नसीबा भी, सोया है जगा दे, साथी हारें का तू, मुझको भी श्याम जीता

आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया! शिश मणी मौरिया, कुण्डल सोहे कनमा, कारी कारी कजरारी जुलमी नयनमा, लाल चंदन सोहे

राजी राजी राखो बाबा, फिर थारे दर पे आवा जी, भूल चूक म्हारी माफ़ करो फिर, थारा दर्शन पावां जी, राजी राजी राखों बाबा, फिर
