
आसरो दादी थारो है: भजन ( Aasro Dadi Tharo Hai )
थारे भरोसे बैठ्यो मैया, कोई ना म्हारो है, आसरो दादी थारो है, आसरो म्हाने थारो है ॥ नैया मेरी भटक गई है, थोड़ी थोड़ी चटक

थारे भरोसे बैठ्यो मैया, कोई ना म्हारो है, आसरो दादी थारो है, आसरो म्हाने थारो है ॥ नैया मेरी भटक गई है, थोड़ी थोड़ी चटक

झुंझुनू वाली दादी, ममता की मूरत है, सारे जग से दादी माँ, तेरी प्यारी सूरत है, झुंझनू वाली दादी, ममता की मूरत है ॥ जिसने

गणपति आयो बापा, रिद्धि सिद्धि लायो, गजानंद आयो, रिद्धि सिद्धि लायो, गणपति आयों बापा, रिद्धि सिद्धि लायो, गजानंद आयो, रिद्धि सिद्धि लायो ॥ शिव जी

तेरी महिमा सभी ने बखानी, दया हमपे करो अम्बे रानी ॥ हम शरण तेरी आए है, जग छोड़ कर, हम शरण तेरी आए है, जग

शक्ति माता हे महाशक्ति, ये सच्चा अवतार है, भोरासा की पावन भूमि, पर इनका दरबार है, माँ के रूप में पालन करती, सबकी पालनहार है

बैठी हो माँ सामने, कर सोलह श्रृंगार, तू करुणा की है मूरत, और ममता का भण्डार, बैठी हो मां सामने, कर सोलह श्रृंगार ॥ निरख

ये मैया मेरी है, सबसे बोल देंगे हम, तोड़ के दुनिया से नाता, माँ तुमसे जोड़ लेंगे हम, ये मैया मेरी हैं, सबसे बोल देंगे
