
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला: भजन (Gajanan Ganesha Hai Gaura Ke Lala)
गजानन गणेशा है गौरा के लाला, दयावन्त एकदन्त स्वामी कृपाला ॥ है सबसे जुदा और सबसे ही न्यारी, है शंकर के सूत तेरी मूषक सवारी,

गजानन गणेशा है गौरा के लाला, दयावन्त एकदन्त स्वामी कृपाला ॥ है सबसे जुदा और सबसे ही न्यारी, है शंकर के सूत तेरी मूषक सवारी,

ऊँचे ऊँचे पर्वत पे, शारदा माँ का डेरा है, मतलब की दुनिया में, सच्चा प्रेम तेरा है, ऊंचे ऊंचे पर्वत पे, मैया का बसेरा है,

नौरता की रात मैया, गरबे रमवा आणो है, थाने वादों निभाणो है, नौरता की रात ॥ साथी सहेलियां, मईया जोवे थारी बाट, मईया जी थाने

उड़ उड़ जा रे पंछी, मैया से कहियो रे, कहियो तेरा लाल, कहियो तेरा लाल, कहियो तेरा लाल, तेरी याद करे, उड़ उड़ जा रे

शेरावाली का लगा है दरबार, जयकारा माँ का बोलते रहो, मेहरवाली का सजा है दरबार, जयकारा माँ का बोलते रहो, जयकारा माँ का जयकारा, शेरावाली

मोरी मैया महान, मोरी मईया महान, मैहर की शारदा भवानी ॥ संतन की मैया रखवाली, मन बांछित फल देने वाली, करे सबका कल्याण, करे सबका

घर ऐसा देना माँ, जो तेरे मंदिर जैसा हो, जैसा है भवन तेरा, मेरा आँगन पावन ऐसा हो, घर ऐसा देना मां, जो तेरे मंदिर
