घर ऐसा देना माँ,
जो तेरे मंदिर जैसा हो,
जैसा है भवन तेरा,
मेरा आँगन पावन ऐसा हो,
घर ऐसा देना मां,
जो तेरे मंदिर जैसा हो ॥
जब तक जीवन ज्योत जले माँ,
तेरी ज्योत जलाऊं मैं,
हर एक साँस में माता रानी,
तेरा शुकर मनाऊं मैं,
ये नियम निभाऊं मैं,
माँ समय भले ही कैसा हो,
घर ऐसा देना मां,
जो तेरे मंदिर जैसा हो ॥
हर एक साधु संत को मैया,
घर मेरे सम्मान मिले,
करूँ गरीबों की सेवा,
बस इतना धन धान मिले,
अरदास मेरी जैसी,
माँ सबकुछ वैसा वैसा हो,
घर ऐसा देना मां,
जो तेरे मंदिर जैसा हो ॥
रहे तेरे चरणों में दाती,
ये परिवार हमारा,
रोज सुबह उठते ही बोले,
हम तेरा जयकारा,
हर साल तेरे दर से,
माँ दर्शन का संदेसा हो,
घर ऐसा देना मां,
जो तेरे मंदिर जैसा हो ॥
घर ऐसा देना माँ,
जो तेरे मंदिर जैसा हो,
जैसा है भवन तेरा,
मेरा आँगन पावन ऐसा हो,
घर ऐसा देना मां,
जो तेरे मंदिर जैसा हो ॥
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