
जिसकी लागी रे लगन भगवान में – भजन (Jiski Lagi Re Lagan Bhagwan Mein)
जिसकी लागी रे लगन भगवान में, उसका दिया रे जलेगा तूफान में। जिसकी लागी रे लगन भगवान में, उसका दिया रे जलेगा तूफान में। तन

जिसकी लागी रे लगन भगवान में, उसका दिया रे जलेगा तूफान में। जिसकी लागी रे लगन भगवान में, उसका दिया रे जलेगा तूफान में। तन

क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी, अब तक के सारे अपराध धो डालो तन की चादर को, लगे है उसमे जो भी दाग ॥ क्षमा करो

गौरा ढूंढ रही पर्वत पर, शिव को पति बनाने को, पति बनाने को, भोले को, पति बनाने को, गौरा ढूंढ रही पर्वत पे, शिव को

संकट जब हम पर आए तो, शिव शंभू तुम आ जाना, हम दुखियारो की ऐ भोले, आकर लाज बचा जाना ॥ पास नहीं है पैसा

दादी नाचण दे तेरे भक्ता ने, तेरो खूब सज्यो श्रृंगार, दादी नाचण दें, कीर्तन माहि आज छा गई, कीर्तन माहि आज छा गई, बागा की

हर सांस मे हो सुमिरन तेरा, यु बित जाये जीवन मेरा, तेरि पुजा करते बिते सांझ सवेरा, यु बित जाये जीवन मेरा ॥ नैनो कि

कैसी यह देर लगाई दुर्गे, हे मात मेरी हे मात मेरी। भव सागर में घिरा पड़ा हूँ, काम आदि गृह में घिरा पड़ा हूँ। मोह
