
हो हो बालाजी मेरा संकट काटो ने – भजन (Ho Ho Balaji Mera Sankat Kato Ne)
हो हो बालाजी मेरा संकट काटो ने, हो इधर उधर न डोल रहया, मेरे दिल ने डाटो न, हो हो बालाजी मेरा संकट काटो न

हो हो बालाजी मेरा संकट काटो ने, हो इधर उधर न डोल रहया, मेरे दिल ने डाटो न, हो हो बालाजी मेरा संकट काटो न

हरि सुंदर नंद मुकुंदा हरि नारायण हरि ॐ हरि सुंदर नंद मुकुंदा हरि नारायण हरि ॐ हरि केशव हरि गोविंद हरि नारायण हरि ॐ हरि

शिव भोला भंडारी, सुख का त्योहार, मिले डमरू के ताल, सुख का त्योहार, मिले डमरूके ताल, करे दुख पिडा पार जटाधारी, शिव भोला भंडारी, शिव

राधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक, तीनों लोक में छाये रही है । भक्ति विवश एक प्रेम पुजारिन, फिर भी दीप जलाये रही है । कृष्ण

कितना प्यारा है सिंगार, की तेरी लेउ नज़र उतार, कितना प्यारा है, ओ हो, कितना प्यारा है सिंगार, की तेरी लेउ नजर उतार, कितना प्यारा

चली जा रही है उमर धीरे धीरे, पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे, चली जा रही हैं उमर धीरे धीरे, जो करते रहोगे भजन

अनमोल तेरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है, किस ओर तेरी मंजिल, किस ओर जा रहा है, अनमोल तेंरा जीवन, यूँ ही गँवा रहा है
