
कभी भूलू ना.. मेरे राधा रमण – भजन (Kabhi Bhoolun Na Radha Raman Mere)
कभी भूलू ना कभी भूलू ना कभी भूलू ना याद तुम्हारी रटू तेरा नाम मैं साँझ सवेरे राधा रमण मेरे, राधा रमण राधा रमण मेरे,

कभी भूलू ना कभी भूलू ना कभी भूलू ना याद तुम्हारी रटू तेरा नाम मैं साँझ सवेरे राधा रमण मेरे, राधा रमण राधा रमण मेरे,

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता, तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता । जबसे मिली है दया हमको इनकी, तो राहें बदल दी

शिवरात्रि, सावन के सोमवार, सोमवर, सोलह सोमवर, काँवड़, सावन के महिने मे अत्यधिक प्रयोग मे आने वाले शिव, शंकर, भोले, भोलेनाथ, महादेव एवं महाकाल के

राख शरण गिरधारी साँवरे, मैं बिना मोल को चेरो, हरी मैं जैसो तेसो तेरो, श्याम मैं जैसो तेसो तेरो ॥ आप ठुकराओगे तो प्यारे, हम

तारा है सारा जमाना, श्याम हम को भी तारो । हम को भी तारो, श्याम हम को भी तारो ॥ हम ने सुना है, श्याम

तृष्णा ना जाये मन से ॥ दोहा – मथुरा वृन्दावन सघन, और यमुना के तीर, धन्य धन्य माटी सुघर, धन्य कालिंदी नीर ॥ कृष्णा बोलो

संसार के लोगों से आशा ना किया करना, जब कोई ना हो अपना, श्री कृष्ण कहा करना । कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा जीवन के समुन्दर
