
मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो – शिव भजन (Mere Bhole Baba Ko Anadi Mat Samjho)
मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो, वो है त्रिपुरारी अनाड़ी मत समझो

मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो, वो है त्रिपुरारी अनाड़ी मत समझो

भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए, भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए, भोले नाथ आए बाबा अलख जगाए । सखी एक बोली मैया बाहर पधारो

झूला पड्यो है कदम्ब की डार, झुलावे ब्रज नारी, ब्रज नारी रे ब्रज नारी, ब्रज नारी सखियाँ सारी, झूला पड्यो हैं कदम्ब की डार, झुलावे

इस योग्य हम कहाँ हैं इस योग्य हम कहाँ हैं, गुरुवर तुम्हें रिझायें । फिर भी मना रहे हैं, शायद तु मान जाये ॥ जब

झूलन चलो हिंडोलना, वृषभान नंदनी, झूलन चलो हिडोलना, वृषभान नंदनी। सावन की तीज आई, नवघोर घटा छाई, सावन की तीज आई, नवघोर घटा छाई, नवघोर

हो जो नजरे करम आपकी, फिर नहीं डर है संसार की, एक नजर दास पर हो कभी, एक नजर दास पर हो कभी, फिर नहीं

मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल राम राम निकले ॥ मन मंदिर में ज्योत जगाउंगी, प्रभु सदा मैं तेरे गुण
