हो जो नजरे करम आपकी,
फिर नहीं डर है संसार की,
एक नजर दास पर हो कभी,
एक नजर दास पर हो कभी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी ॥
कोई दाता है तुझसा नहीं,
दिन मुझसा है कोई नहीं,
अब तो तेरे सिवा इस जहाँ में,
है किसी पर भरोसा नही,
तेरे हाथों में है जिन्दगी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी ॥
चाहे कितना भी करके जतन,
कोई भी साथ जाता नहीं,
मौत जब सामने होगी तेरे,
कोई भी रोक पाता नहीं,
गर हो सच्ची तेरी बंदगी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी ॥
कल पे बातों ना छोड़ो ‘फणि’,
कल पे कुछ जोर चलता नहीं,
वक्त से पहले किस्मत से ज्यादा,
माँगने पे भी मिलता नहीं,
है ये जीवन बड़ा कीमती,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी ॥
परिश्रम करे कोई कितना भी लेकिन: भजन (Parishram Kare Koi Kitana Bhi Lekin)
साखी - तारण हार थला शिर आयो,बाबो जंभू दीपे प्रगट्यो(Bishnoi jambhoji Saakhi)
श्रीमन नारायण नाम संकीर्तन (Sriman Narayan Nama Sankirtan)
हो जो नजरे करम आपकी,
फिर नहीं डर है संसार की,
एक नजर दास पर हो कभी,
एक नजर दास पर हो कभी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी ॥








