
राम का प्यारा है, सिया दुलारा है, हनुमान – भजन (Ram Ka Pyara Hai Siya Dulara Hai Hanuman)
राम का प्यारा है, सिया दुलारा है, संकट हारा है, हनुमान हनुमान, हनुमान हनुमान, तीनो लोको में, सारे देवों में, सबसे न्यारा है, हनुमान हनुमान,

राम का प्यारा है, सिया दुलारा है, संकट हारा है, हनुमान हनुमान, हनुमान हनुमान, तीनो लोको में, सारे देवों में, सबसे न्यारा है, हनुमान हनुमान,

लाल लंगोटे वाले वीर हनुमान है, हनुमान गढ़ी में बैठे, अयोध्या की शान है, लाल लंगोटे वालें वीर हनुमान है ॥ बजरंगी का हूँ मैं

एक दिन बोले प्रभु रामचंद्र, मैं मन की बात बताता हूँ, तुम लेटे रहो हनुमान यहाँ, मैं तेरे चरण दबाता हूँ ॥ श्री राम जय

मंगल को जन्मे, मंगल ही करते, मंगलमय भगवान, जय हनुमान, जय हनुमान, जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥ मंगल को जन्में, मंगल ही करते, मंगलमय

अयोध्या नाथ से जाकर पवनसुत हाल कह देना, तुम्हारी लाड़ली सीता हुई बेहाल कह देना । जब से लंका में आई नहीं श्रृंगार है कीन्हा,

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा, हनुमान जन्मोत्सव, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, बूढ़े मंगलवार और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार । पवनसुत विनती बारम्बार ॥ हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार । पवनसुत
