
तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है: भजन (Tere Darbar Mein Maiya Khushi Milti Hai)
तेरी छाया मे, तेरे चरणों मे, मगन हो बैठूं, तेरे भक्तो मे॥ तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है, जिंदगी मिलती है रोतों को हँसी

तेरी छाया मे, तेरे चरणों मे, मगन हो बैठूं, तेरे भक्तो मे॥ तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है, जिंदगी मिलती है रोतों को हँसी

करवा चौथ, नवदुर्गा, दुर्गा पूजा, नवरात्रि, नवरात्रे, नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, जगराता, शुक्रवार दुर्गा तथा अष्टमी के शुभ अवसर पर गाये जाने वाला

जिनका मैया जी के चरणों से संबंध हो गया । उनके घर में आनंद ही आनंद हो गया ॥ माँ की शक्ति को जो भी,

लेके पूजा की थाली ज्योत मन की जगा ली तेरी आरती उतारूँ भोली माँ तू जो दे दे सहारा सुख जीवन का सारा तेरे चरणों

जाना है मुझे माँ के दर पे, सुनो बाग के माली, मेरी माँ के लिए, माला पिरो दे अजब निराली, पहन जिसे खुश हो जाए,

सर को झुकालो, शेरावाली को मानलो, चलो दर्शन पालो चल के । करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानियां ॥ गुफा के अन्दर, मन्दिर के अन्दर, माँ की

मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ, दोनों मैया बड़ी प्यारी है । एक माता मेरी जननी है, एक जग की पालनहारी है ॥ मैं जननी
