करवा चौथ, नवदुर्गा, दुर्गा पूजा, नवरात्रि, नवरात्रे, नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, जगराता, शुक्रवार दुर्गा तथा अष्टमी के शुभ अवसर पर गाये जाने वाला प्रसिद्ध व लोकप्रिय भजन। यह भजन प्रारंभिक दौर मे गायिका अनुराधा पौडवाल द्वारा गाया गया है।
दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ,
मैया जब तक जियु मैं सुहागन जियु,
मुझसे हो न जुदा मेरा भगवान माँ,
मैया जब तक जियु मैं सुहागन जियु ॥
मैं दिन रात तुमसे यही मांगती,
साया सिर पे रहे मेरे सरताज का,
और इस के सिवा कुछ नहीं मांगती,
बस यही इक दिल में है अरमान माँ ।
दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ ॥
कोई मंदिर सजे न बिना मूर्ति ,
बिन खवैया के नैया है किस काम की,
इस बगियाँ का माली सलामत रहे,
माला जपती रहूँ मैं तेरे नाम की ।
दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ ॥
मेरे जीवन का मालिक है जो देवता,
उम्र मेरी भी उस को लगा देना माँ,
उनकी सांसो में सांसे ये घुलती रहे,
दिल से मुझको यही बस दुआ देना माँ,
तेरा होगा बड़ा ही एहसान माँ ।
दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ ॥
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दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ,
मैया जब तक जियु मैं सुहागन जियु ,
मुझसे हो न जुदा मेरा भगवान माँ,
मैया जब तक जियु मैं सुहागन जियु ॥








