
भूतेश्वर ने ध्यालो जी: भजन (Bhuteshwar Ne Dhyalo Ji)
भूतेश्वर ने ध्यालो जी, सोया भाग्य जगा लो जी, भगता रो यो रखपाल, बैठ्यो भोलो धणी ॥ माथे ऊपर चंदा सोहे, जटा में गंग विराजे

भूतेश्वर ने ध्यालो जी, सोया भाग्य जगा लो जी, भगता रो यो रखपाल, बैठ्यो भोलो धणी ॥ माथे ऊपर चंदा सोहे, जटा में गंग विराजे

भोले तेरी माया अजब निराली है, अजब निराली है, हे शिव शम्भू भोले शंकर, नाम जपूँ नित तेरा बन कर, भोलें तेरी माया अजब निराली

भजामि शंकराये नमामि शंकराये, त्रिलोचनाये शूलपाणी चंद्र शेखराये, हर हर बम बम शिव भोले, हर हर बम बम शिव भोले ॥ अनाथों के हो नाथ

जय हो जय हो महाकाल राजा, तेरी किरपा की छाई है छाया । जय हो जय हो महाकाल राजा, तेरी किरपा की छाई है छाया

शिव अद्भुत रूप बनाए, जब ब्याह रचाने आए ॥ भुत बेताल थे, संग में चंडाल थे, भुत बेताल थे, संग में चंडाल थे, कैसी बारात

मैं तो शिव की पुजारन बनूँगी, अपने भोले की जोगन बनूँगी, मैं तो पहनुँगी जोगन का चोला, वो है पारस महादेव भोला, चरण छु कर

बैल की सवारी करे डमरू बजाये जग के ताप हरे सुख बरसाये ॐ नमः शिवाये, ॐ नमः शिवाये रचना रचा के आप खेले रे खिलाड़ी
